नई दिल्ली।… देशभर में पंचायती राज संस्थानों में कुल निर्वाचित प्रतिनिधियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 46 फीसदी है। उत्तराखंड में महिलाओं की भागीदारी इससे कहीं ज्यादा 57.84 फीसदी है।

पंचायती राज मामलों के राज्य मंत्री निहाल चंद ने लोकसभा में पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित करने वाले राज्यों के संबंध में पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

चांद ने बताया कि देश में कुल 29,17,336 निर्वाचिन प्रतिनिधि हैं, जिनमें से 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की संख्या 13,41,773 है जो 46 फीसदी है।

उन्होंने साथ ही बताया कि कुल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से 16 राज्यों ने पंचायती राज संस्थानों में आधी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर रखी हैं जिनमें असम, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और पश्चिम बंगाल हैं।

उन्होंने आंकड़ों के हवाले से बताया कि पांच राज्यों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों की संख्या 50 फीसदी से अधिक है उनमें झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक शामिल हैं जहां यह आंकड़ा क्रमश: 59.18 फीसदी, 58.29 फीसदी, 57.83 फीसदी, 55.14 फीसदी तथा 53.40 फीसदी है।

उन्होंने बताया कि दमन दीव, जम्मू कश्मीर, पंजाब, गुजरात और गोवा ऐसे राज्य हैं जहां इनकी संख्या कम और क्रमश: 28.87 फीसदी, 29.18 फीसदी, 30.13 फीसदी, 32.90 फीसदी और 32.97 फीसदी है।