जैसे-जैसे दिसंबर आगे बढ़ रहा उत्तराखंड में ठंड का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। दिसंबर में पल-पल बदल रहा मौसम लोगों को घरों में दुबके रहने पर मजबूर कर रहा है।

केदारनाथ में गुरुवार इस सीजन का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। यहां दोपहर को तापमान माइनस 7 डिग्री तक पहुंच गया था। सुबह 9 बजे से धाम में रुक-रुककर बर्फबारी जारी रही। चमोली जिले के बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, लाल माटी, पित्रृधार में भी जमकर बर्फबारी हुई।

गुरुवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे। केदारनाथ में सुबह 6 बजे से रिमझिम बारिश शुरू हुई, जो करीब दो घंटे रही। सुबह 9 बजे से बर्फ गिरने लगी, जो दिनभर जारी रही। दोपहर बाद फिर बारिश होने से बर्फ तेजी से पिघली। हालांकि 5 बजे से बर्फ फिर गिरने लगी।

शाम छह बजे तक धाम में 8 इंच तक नई बर्फ जम चुकी थी। जबकि पहले से यहां डेढ़ से ढाई फीट बर्फ मौजूद है। केदारनाथ में अधिकतम तामपान 1.0 और न्यूनतम माइनस 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इधर, जिले के ऊंचाई वाले इलाकों तुंगनाथ, महद्महेश्वर, हरियाली डांडा में भी बर्फबारी हुई है। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित अन्य क्षेत्रों में दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और शीत हवा का प्रकोप बना रहा।

दो दिनों तक चटख धूप खिलने के बाद गुरुवार को तड़के बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, लाल माटी, पित्रृधार सहित जनपद के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। गोपेश्वर में दिनभर बर्फीली हवाएं चलने से लोग अपने घरों में दुबके रहे।

ठंड और बर्फबारी के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। औली में भी दोपहर बाद बर्फ की फुहारें पड़ने से जोशीमठ क्षेत्र शीतलहर की चपेट में आ गया। निचले क्षेत्र में बारिश न होने से कोरी ठंड पड़ रही है।

चकराता में दिसंबर के महीने में पल-पल बदलता मौसम सिहरन पैदा करने लगा है। गुरुवार का दिन इस सीजन में अभी तक का सबसे ठंडा दिन रिकॉर्ड किया गया। बादलों और सूरज की लुकाछिपी के बीच शीतलहर ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। सर्दी का आलम यह रहा कि सूरज की किरणें भी राहत देने में नाकाम रहीं।

गुरुवार को अधिकतम के साथ ही न्यूनतम तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। चकराता का न्यूनतम तापमान जहां दो डिग्री नीचे गिरकर -04 डिग्री पर जा पहुंचा, तो विकासनगर के न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सुबह के समय स्कूली छात्रों को ठंड के कारण स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

जबरदस्त ठंड के कारण चकराता में दोपहर के समय भी लोगों को अलाव और हीटर का सहारा लेना पड़ा। दिन में भी बाजार में बहुत चहलकदमी नहीं दिखी। तापमान गिरने से पानी की बूंदे भी बर्फ की तरह जमी नजर आने लगीं। सड़कों और खेतों में भी पाला जम हुआ नजर आने लगा।

विकासनगर में दोपहर के समय धूप के साथ ही शीतलहर का प्रकोप भी जारी रहा। सूरज ढलने के बाद शाम को हाथ-पैर ठंड के कारण सुन्न होने लगे। शाम होते ही बाजार में लोगों की चहलकदमी भी घट गई।