समय बदल रहा है। लोग जागरुक हो रहे हैं। ब्याह कर सुसराल पहुंची एक नई बूह ने स्वच्छता को लेकर ऐसी ही मिसाल पेश की। ससुराल में शौचालय न पाकर उसने वहां रहने से ही मनाकर दिया। जिद्द रखी कि जब तक घर में शौचालय नहीं बनेगा, मैं वहां नहीं आऊंगी। आखिर ससुरलवालों को बहू की जिद्द के आगे झुकना पड़ा।

मामला हरिद्वार जिले के गाडोवाली गांव का है। यहां एक साल पहले आजम का निकाह सराय गांव निवासी नसरीन के साथ हुआ। नसरीन जब ससुराल पहुंची तो यहां शौचालय न पाकर हैरत में पड़ गई। उसने ससुरालवालों से शौचालय बनवाने की मांग की।

एक दिन, दो दिन और तीन दिन बीतने पर भी जब घर में शौचालय न बना तो नसरीन मायके चली गई। पति आजम पत्नी को लेने उसके घर पहुंच गया। इस दौरान दोनों की बहस हो गई। नसरीन ने कह दिया कि जब तक ससुराल में शौचालय न बनेगा तब तक वह घर नहीं आएगी।

toilet

इस पर मामला महिला हेल्प लाइन पहुंच गया। नसरीन की शिकायत पर दोनों पक्षों के परिजनों को वहां बुलाया गया। इस दौरान ससुराल पक्ष की ओर से घर में शौचालय निर्माण कराने के आश्वासन पर वह ससुराल पहुंची।