उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून में चाय बागान की जमीन पर स्मार्ट सिटी बनाने की उत्तराखंड सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए बीजेपी ने गुरुवार को कहा कि देहरादून शहर के निकट 30 किलोमीटर के दायरे में कई जगह पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जहां किसी प्रकार का विवाद नहीं है।

बीजेपी के प्रदेश महामंत्री प्रकाश पंत ने देहरादून में बताया कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई पार्टी की एक बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि देहरादून में स्मार्ट सिटी मामले के विधिवत अध्ययन एवं निगरानी के लिए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय भट्ट और दो प्रदेश महामंत्रियों प्रकाश पंत और नरेश बंसल की एक समिति गठित की जाए।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चयनित चाय बागान की भूमि में भू-स्वामित्व, भू-उपयोग के विवाद के साथ-साथ जमींदारी विनाश अधिनियम एवं सीलिंग एक्ट के तहत हस्तांतरित न हो पाने की परेशानी की ओर ध्यान दिलाते हुए बैठक में कहा गया कि सरकार ने चाय बागान की 350 एकड़ भूमि पर स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है और उसे मंजूरी मिले बिना ही चीन के तोंगजी विश्वविद्यालय से समझौता कर लिया जो सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है।

पंत ने कहा कि अगर राज्य सरकार देहरादून शहर के निकट ही स्मार्ट सिटी बनाना चाहती है तो 30 किलोमीटर के क्षेत्र में ही अनेक जगहों पर जैसे सहसपुर क्षेत्र में शीशमबाड़ा, विकासनगर क्षेत्र में छरबा गांव और शीशमबाडा से आसन बैराज तक नदी के किनारे किसानों की हजारों एकड भूमि निष्प्रयोज्य पड़ी है।