हरिद्वार-बिजनौर सड़क मार्ग पर बुधवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यात्रियों से भरी रोडवेज की एक बस सड़क किनारे दीवार तोड़ती हुई सूखी नहर में आधी झूल गई। करीब 35 मिनट तक बस में सवार 42 यात्री मौत के मुंह में झूलते रहे। गनीमत ये रही कि बस नदी में नहीं गिरी, जिससे एक बड़ा हादसा हो सकता था।

बुधवार सुबह रोडवेज की एक बस मुरादाबाद से हरिद्वार की ओर आ रही थी। हाईवे पर गेंडीखाता के करीब आगे चल रही एक कार को ओवरटेक करने की कोशिश में बस अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे सुरक्षा दीवार को तोड़कर सूखी नहर के ऊपर लटक गई।

बस के सूखी नहर के ऊपर झूलने पर बस में सवार यात्रियों के हाथ पांव फूल गए। करीब आधा घंटे तक बस यूं ही नदी के ऊपर अटकी रही। चीखपुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने आपातकालीन द्वार व शीशे तोड़कर यात्रियों को बस से बाहर निकाला। एसओ गिरीश चंद शर्मा ने बताया कि हादसे में कुछ यात्रियों को चोटें आईं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।