यह मानव स्वभाव है कि वह जीवन काल के प्रत्येक क्षेत्र चाहे वह उसके व्यक्तिगत जीवन यथा परिवार या घर से सम्बन्धित हो या उसके कार्य जीवन यथा उसकी नौकरी, उसका व्यवसाय हो, में केवल अच्छी घटनाओं या प्रवृत्तियों को ही घटित होते देखना चाहता है। परन्तु वास्तविक जीवन में यह सम्भव नहीं है।

जीवन में आनन्द एवं सुख के साथ-साथ परेशानियों एवं दुख का भी सामना करना पडता है। इन परेशानियों एवं अवांछित घटनाओं का सामना न करना पड़े एवं अच्छी वांछित घटनाओं की बारम्बार पुनरावृत्ति हो उसके लिए अनेक उपाय करता है। इसमें जानकार एवं शिक्षित लोग अपने निवास एवं कार्यस्थल को वास्तु एवं फेंगशुई के अनुरूप रखते हैं।

वास्तु एवं फेंगशुई के अंतर्गत इन विद्यमान दोषों को दूर करने या उनके प्रभावों को कम करने हेतु सुधारात्मक उपाय हैं। परन्तु देखा गया है कि इन सुधारात्मक उपायों या नवीन निर्माण की दशा में पूर्ण वास्तु एवं फेंगशुई के नियमों का पालन करने के बाद भी व्यक्तियों को वांछित परिणाम नहीं मिल पाते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि वास्तु अनुरूप निर्माण के अतिरिक्त भी आप निम्न बिन्दुओं पर समुचित ध्यान दें:

  • फर्नीचर को किस दिशा में किस प्रकार व्यवस्थित किया जाना है।
  • विद्युत उपकरणों को किस दिशा में एवं किस प्रकार व्यवस्थित किया जाना है।
  • कार्यालय में महत्वपूर्ण प्रलेखों एवं कागजातों को किस प्रकार रखा गया है।
  • घर या कार्यालय की कलर स्कीम किस प्रकार की है।
  • कार्यालय या घर के मुख्य द्वारा की स्थिति क्या है।

केवल वास्तु के अंतर्गत दिशाओं का ध्यान रखा जाना ही सम्पूर्ण नहीं है इस क्षेत्र चाहे वह घर हो या कार्यालय फेंगशुई के 5 तत्वों का ध्यान रखा जाना भी अति आवश्यक है।

हम कुछ सुझाव निम्नवत हैं जो कि घर में छोटे-छोटे वास्तु दोषों को दूर करने के लिए अमल में लाए जाने अति महत्वपूर्ण हैं:

  • निवास की दक्षिण दिषा में जल तत्व या नीला रंग नहीं होना चाहिए, ऐसा होने पर व्यापारिक ख्याति एवं व्यक्तिगत यश में ह्रास होता है। यदि ऐसा करना अति आवश्यक हो तो इसके साथ हरे एवं लाल रंग या केवल लाल रंग के मिश्रण के साथ प्रयोग करना चाहिए।
  • दक्षिण दिशा मंगल ग्रह की होती है, यदि ज्योतिषी भाषा में कहें तो दक्षिण दिशा को सेनापति कहते हैं। इसका अर्थ है कि मंगल ग्रह दक्षिण दिशा का स्वामी होता है एवं इसमें किसी भी प्रकार का दोष होने वह कानूनी कठिनाइयां उत्पन्न कर सकता है।
  • यदि उत्तर पूर्व दिशा में घर का कूडा करकट डालने की व्यवस्था है तो इससे उस व्यक्ति की सोच नकारात्मक हो जाती है एवं उसके स्वभाव में आ जाती है।
  • घर में लगे पौधें काश्ठ तत्व का उत्तम साधन है। घर में यदि पेड़-पौंधे हैं तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकने का काम करते हैं। पूर्व दिशा के दोषों में सन्तुलन बनाने का कार्य करते हैं।
  • घर में विरान घर, लड़ाई झगड़े के चित्र, पतझड़ आदि ऐसे चित्र नहीं लगाने चाहिए, इससे घर में नकारात्मक प्रवाह को बढ़ावा मिलता है। सकारात्मक भाव जिसको देखकर मन खुश हो और एवं आनन्द का अनुभव हो ऐसी तस्वीरें लगाएं। यदि आपके घर की पूर्व दिशा में कोई समस्या है तो इस ओर हरी-भरी सीनरी का लगाना हितकर होगा।
  • आपके घर में टूटा-फूटा सामान या ऐसा सामान जो कि प्रयोग में नहीं आता है, नहीं रखना चाहिए। यदि उन्हें हटाना सम्भव नहीं है तो उसे ठीक प्रकार व्यवस्थित करना चाहिए। ये सामान आपके कार्यो में बाधाएं उत्पन्न कर सकते हैं। छत पर लोहे ही छडें या अन्य सामान नहीं रखा जाना चाहिए।
  • जल तत्व से सम्बन्धित कोई भी तस्वीर बेडरूम में नहीं लगायी जानी चाहिए। एक या तीन व्यक्ति या औरत को प्रदर्षित करने वाली तस्वीरों को सर्वथा नहीं लगाया जाना चाहिए। ऐसी तस्वीरें होने की दशा में पति-पत्नी के बीच झगड़े रहते हैं। सम्बन्धों में मधुरता नहीं रहती और किसी अन्य से भी सम्बन्ध हो सकते हैं।
  • घर में मन्दिर नहीं बनाया जाना चाहिए। यदि बहुत जरूरी हो तो ऐसा छोटा सा पूजा स्थल बनाया जा सकता है और उसमें मूर्तियां नहीं रखी जानी चाहिए।
  • पूजा स्थल या मन्दिर में अपने मृतक बड़े-बूढों की तस्वीर कतई न लगाएं, क्योंकि कोई भी महान हो सकता है भगवान का स्थान नहीं ले सकता।
  • स्वर्गवासी व्यक्ति की तस्वीर दक्षिण पश्चिमी दीवार पर लगाएं, वह पित्रों की दिशा बताई गई है।
  • अध्ययन करने के लिए इस प्रकार बैठें कि आपकी पीठ की ओर खिड़की न हो, बल्कि दीवार होनी चाहिए। इससे अध्ययन में निरन्तरता बनी रहती है।
  • यदि घर की कलर स्कीम फेंगशुई के अनुरूप है तो निष्चित रूप से इसके भी अच्छे परिणाम होंगे।
  • दक्षिण-पश्चिम दिशा में शीशा किसी भी हालत में नहीं लगाया जाना चाहिए। इस दिशा में मिरर लगाने से आपके काम बनते-बनते भी अन्तिम दौर में पूर्ण नहीं होते हैं।

अतः आपने देखा कि छोटी-छोटी बातें जिन पर ध्यान नहीं दिया जाता है, फलस्वरूप इन छोटे-छोटे दोषों के कारण जीवन में बाधाएं आती हैं। यदि इन छोटी बातों को ध्यान में रखते हुए घर को व्यवस्थित किया जाए तो निश्चित रूप से परिणाम देखने को मिलते हैं।

यह लेख मशहूर ज्योतिष, वास्तु और फेंग्शुई विशेषज्ञ नरेश सिंगल से बातचीत के आधार पर लिखा गया है। वास्तु से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या के समाधान के लिए नरेश सिंगल से संपर्क करें…

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