नई दिल्ली।… केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को कहा कि अदालत से मिले आदेश के बाद उसने दिल्ली के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के घर सहित दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 14 जगहों पर छापेमारी की। सीबीआई ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर छापेमारी की खबरों को खारिज किया है।

सीबीआई की प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने नई दिल्ली में सीबीआई मुख्यालय पर पत्रकारों से कहा, ‘सीबीआई ने दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी और छह अन्य लोगों के खिलाफ 2007 से 2014 के बीच एक निजी कंपनी को दिल्ली सरकार की ओर से ठेके दिलाने में अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।’

सीबीआई की प्रवक्ता ने कहा, ‘अदालत से वारंट हासिल करने के बाद मंगलवार को दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 14 जगहों पर छापेमारी की गई।’ उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय पर छापेमारी की खबरों को आधारहीन बताते हुए कहा, ‘सीबीआई दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय की छानबीन से इनकार करती है। हमारी जांच को बाधित करने के लिए झूठी अफवाहें नहीं फैलाई जानी चाहिए।’

इससे पहले, सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया था कि केजरीवाल के सचिव राजेंद्र कुमार के आवास से तीन अचल संपत्तियों के कागजात सहित नकदी बरामद की गई है। सीबीआई ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के घर से 2.4 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने हालांकि सीबीआई पर अपने कार्यालय में छानबीन करने का आरोप लगाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीबीआई के दुरुपयोग करने का आरोप मढ़ते हुए उन्हें ‘कायर’ कहा। सीबीआई ने यह भी कहा कि कुमार अपना ईमेल अकाउंट खोलने में कतई सहयोग नहीं कर रहे थे।

सीबीआई ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में कुमार के साथ सह-आरोपी जी.के. नंदा के पास से भी 10.5 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। सह-आरोपी नंदा टेलीकम्युनिकेशन्स कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (टीसीआईएल) के महाप्रबंधक हैं।