उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून में स्मार्ट सिटी बनाए जाने को लेकर राज्य सरकार एक कदम और आगे बढ़ गई है। स्मार्ट सिटी को लेकर प्रपोजल केंद्र सरकार को भेज दिया गया है और इस परियोजना की मुख्य अधिकारी व मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष आर. मीनाक्षी सुंदरम स्वयं इस संबंध में दिल्ली जा रही हैं।

बता दें कि केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजन के लिए उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार ने अस्थायी राजधानी देहरादून में चाय बागान की जमीन को चिन्हित किया था। इसके बाद प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी और कुछ अन्य संगठनों ने इसका विरोध भी किया। काफी माथापच्ची के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने स्मार्ट सिटी के पहले चरण के लिए चाय बागान की ही 350 एकड़ जमीन पर मुहर लगा दी।

इससे पहले विवाद के बाद एमडीडीए ने रायवाला, विकासनगर और डोईवाला में भी जमीन की तलाश की थी। लेकिन एकमुश्त जमीन न मिलने से तलाश पूरी नहीं हो पाई। कोई और विकल्प न देखते हुए मुख्यमंत्री ने 350 एकड़ जमीन चाय बागान से लेने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी थी।

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इस मामले में बीजेपी के लिए एक और करारा झटका ये भी है कि एक ओर तो राज्य के तमाम वरिष्ठ नेता चाय बागान की जमीन को स्मार्ट सिटी के लिए लिए जाने का विरोध कर रहे हैं और दूसरी ओर देहरादून निगम ने राज्य सरकार की इस योजना को आसानी से हरी झंडी दिखा दी है। बता दें कि देहरादून निगम में बीजेपी सत्ता में है और यहां के मेयर विनोद चमोली ने इस मामले में राज्य सरकार का साथ दिया है।