उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित नारी निकेतन में मूक-बधिर संवासिनी के साथ रेप और गर्भपात के मामले में एसआईटी ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है।

नारी निकेतन की निलम्बित अधीक्षिका और टीचर को सुबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अब तक नारी निकेतन में ही तैनात 8 आरोपियों की गिरफ्तारी ने इस बात का खुलासा कर दिया है कि चार दीवारी के अंदर कितने बड़े रैकेट के तौर पर घिनौने काम को अंजाम दिया जा रहा था।

नारी निकेतन में सुधार के नाम पर संवासिनियों को रखा जाता है। उनके भविष्य के सुधार के तमाम दावे यहां किए जाते हैं। लेकिन, मूख-बधिर पीड़िता के साथ दुष्कर्म के मामले ने नारी निकेतन की चार दीवारी के अंदर चल रही घिनौनी वारदात से व्यवस्था पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।

इस मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। खास बात यह है कि दुष्कर्म के आरोपियों से लेकर सुबूतों को मिटाने और छिपाने के सभी आरोपी नारी निकेतन से ही जुड़े हैं। नारी निकेतन की अधिक्षीका मीनाक्षी पोखरियाल पर लगे आरोप और गिरफ्तारी ने यह उजागर कर दिया है कि नारी निकेतन के छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़ी जिम्मेदारी निभाने वाली अधिक्षिका तक इस घिनौने काम में शामिल रही हैं।

जांच अधिकारी अजय सिंह का कहना है कि पीड़िता के बयान के साथ ही नारी निकेतन के स्टॉफ के बयान, सीसीटीवी फुटेज और मौके से मिले सुबूत पीड़िता का मेडिकल, मजिस्ट्रेट के सामने बयान और सबसे महत्वपूर्ण दूधली के जंगलों से भ्रूण का मिलना और डीएनए रिपोर्ट में एसआईटी के हाथ लगे सुबूत, यह तमाम एसआईटी की इंवेस्टीगेशन के खास हिस्से हैं।