हिंदी तथा तमिल में बन रही फिल्म ‘राजू बजरंगी’ की शूटिंग पूरी करने के बाद बॉलीवुड अभिनेता हेमंत पांडे देहरादून में नाग टिब्बा होकर उत्तरकाशी पहुंच गए हैं। वे मानते हैं कि खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के कारण उत्तराखंड फिल्मों की शूटिंग के लिए एक आदर्श जगह है।

इससे कई नामी व गुमनाम पर्यटन स्थलों को पहचान मिल सकती है। यहां पलायन से खाली हो रहे गांव के पारंपरिक शैली के घर पर्यटकों का आशियाना बनकर स्थानीय लोगों को रोजगार दे सकते हैं।

नेहरू पर्वतारोहण संस्थान में प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल की पहल पर उन्होंने थियेटर व कला संस्कृति से जुड़े विभिन्न ग्रुप के कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा, सभी को एक मंच पर आकर यहां की कला संस्कृति, परंपरा का बीड़ा उठाना चाहिए। हेमंत ने भी अपने फिल्मी करियर से पहले पिथौरागढ़ के थियेटर में काम किया।

यदि उत्तरकाशी में सभी सांस्कृतिक दल एक होकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां तैयार करने का संकल्प लें, तो वे भी तीन-चार दिन का समय निकालकर उनकी मदद के लिए उत्तरकाशी दौड़े चले आएंगे। यहां यात्रा के सीजन में पर्यटकों-यात्रियों के लिए अपनी लोक संस्कृति पर शो तैयार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वे 25 साल से मुंबई में हैं। वहां तक पहुंचने से पहले पिथौरागढ़ में थियेटर से जुड़े व उसी शहर ने उन्हें सपने दिखाए तथा मुंबई तक पहुंचने की ताकत दी। लेकिन यह उत्तराखंड से बाहर निकलकर तथा थियेटर ग्रुप की राजनीति से न उलझ कर इससे दूर होकर काम करने से संभव हो पाया।