उत्तराखंड की अस्थायी राजधानी देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड से शनिवार को 469 जांबाज कैडेट्स अंतिम पग पार कर भारतीय सेनाओं का हिस्सा बन गए। भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह परेड में बतौर रिव्यूइंग ऑफिसर शामिल हुए। परेड के लिए सभी तैयारियां शुक्रवार को ही पूरी कर ली गई थीं।

आईएमए की पासिंग आउट परेड (पीओपी) में 137 रेगुलर कोर्स के कुल 382 जेंटलमैन कैडेट्स (एक्स एसीसी 57, डायरेक्ट एंट्री 104, एक्स एनडीए 221), 137 रेगुलर कोर्स के 50 फॉरेन जेंटलमैन कैडेट और 120 टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स के 87 जेंटलमैन कैडेट्स पासआउट हुए।

कुल 469 जीसी आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड हॉल के सामने ड्रिल स्क्वायर के बाद अंतिम पग पार करके सेनाओं का हिस्सा बन गए। आईएमए की पीओपी से इस बार पांच मित्र राष्ट्रों के 50 फॉरेन जीसी भी पासआउट हुए। अफगानिस्तान के 31 जीसी, मालदीव के छह, ताजिकिस्तान के 10, नेपाल के दो और श्रीलंका के एक जीसी आईएमए से अंतिम पग पार किया।

देश की सेनाओं में सर्वोच्च ओहदा रखने वाले भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की संख्या पीओपी पूरी होते ही 56,510 पर पहुंच गई। आईएमए ने स्थापना से लेकर अब तक देश पर मर मिटने वाले जांबाज अफसर तैयार करने में इतिहास बनाया है।

IMA_passout

आईएमए की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक जून 2015 की पासिंग आउट परेड संपन्न होते ही देश की सेनाओं को मिलने वाले जांबाज अफसरों की संख्या 56,041 पर पहुंच गई थी। शनिवार को पासिंग आउट परेड में 469 नए युवा सेनाओं में अफसर बन गए।

न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी आईएमए का अलग जलवा है। संस्थान से जून 2015 की पासिंग आउट परेड तक कुल 1813 फॉरेन जीसी पासआउट हो चुके थे। शनिवार को 50 नए फॉरेन जीसी के साथ ही यह संख्या 1863 पर पहुंच गई। आईएमए की पासिंग आउट परेड से कुल 469 भारतीय जेंटलमैन कैडेट्स पासआउट हुए। इसमें से सबसे अधिक 132 अफसर इंफेंट्री को मिले।

99 अफसर आर्टिलरी को मिले हैं। आर्मी सर्विस कोर को 34 अफसर, आर्मी एयर डिफेंस को 27, इंजीनियर कोर को 26, सिग्नल्स को 23, मेकेनाइज्ड इंफेंट्री को 21, आर्म्ड कोर को 28, आर्मी ऑर्डिनेंस कोर को 25, इंजीनयर कोर को 26, इंटेलीजेंस को 7, एविएशन को 11 और आर्मी एजुकेशन कोर को 10 अफसर मिले।