एक तरफ केंद्र में सरकार जीएसटी लागू पास कराने के जद्दोजहद में है और दूसरी ओर इसका विरोध करने वालों की भी कोई कमी नहीं। उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार में वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश का कहना है कि देश में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने से राज्य सरकारें दबाव में आ जाएंगी।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक कर प्रणाली लागू करने की बातें की जा रही हैं। लेकिन, केन्द्र से इस धनराशि की वापसी कैसे होगी इस पर संशय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जब राज्य को वैट का तीन हजार करोड़ रुपये ही केन्द्र से अब तक नहीं मिल पा रहा है तो ऐसे में जीएसटी की क्या गारंटी है।

बता दें कि जीएसटी लागू करने की पहल केंद्र में पूर्व की यूपीए सरकार ने ही की थी और इस समय विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने मोदी सरकार को जीएसटी बिल पास करवाने में पूरी मदद करने का भरोसा दिया है।

वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश उत्तराखंड वाणिज्य कर सेवा संघ के दो दिवसीय द्विवार्षिक अधिवेशन में शिरकत करने पहुंची थीं। यहां बताया गया कि किस तरह से राज्य के अस्तित्व में आने के बाद से कर वसूली बढ़ाई गई है।

अधिवेशन में वाणिज्य कर सेवा संघ की ओर से 13 सूत्रीय मांग पत्र वित्त मंत्री को दिया गया। कैबिनेट मंत्री ने कर वसूली बढ़ाए जाने को सामान्य बताते हुए कहा कि इसमें अभी बहुत सुधार की गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि बड़े करदाता लम्बा समय खींचकर, कर देने से बच निकलते हैं। इस ओर विभाग को ध्यान देने की जरुरत है।