उत्तराखंड में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह सरकार एक साल में उत्तराखंड को बेच डालेगी।

2017 के चुनाव के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने मुख्य प्रधान सचिव राकेश शर्मा के माध्यम से प्राकृतिक संपदाओं और सरकारी जमीनों की बोली लगवानी शुरू कर दी है। राकेश शर्मा कांग्रेस के नुमाइंदे के तौर पर शासन में बैठकर मुख्यमंत्री को खुश कर रहे हैं।

बीजेपी कुमाऊं संभाग कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में अराजकता, भ्रष्टाचार और घोटाले बढ़ गए हैं। कानून व्यवस्था चौपट है। अब आम आदमी तो दूर विधायक और अफसरों के घरों में डकैती पड़ रही है।

मां-बहनें घरों से बाहर निकलने में डरने लगी हैं। नारी निकेतनों में लाचार महिलाएं तक सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देहरादून स्थित नारी निकेतन मामले में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हैं। देहरादून की तरह राज्य के बाकी जिलों में स्थित नारी निकेतनों में भी महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है।

उन्होंने कहा कि आम जनता हताश और निराश है। सर्किल रेट और रजिस्ट्री शुल्क बढ़ाकर जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। सरकारी गल्ले की दुकानों में गेहूं-चावल और चीनी नहीं बंट रही है। सरकार ने इसकी क्वांटिटी ही नहीं क्वालिटी भी गिरा दी है। तीरथ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने लूट मचाई हुई है।

रानीखेत में भूमि प्रकरण हो या फिर देहरादून में चाय बागान का मामला, सरकारी जमीनों पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रधान सचिव मुख्यमंत्री राकेश शर्मा की नजरें लगी हैं।

तीरथ रावत बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की चुनावी दौड़ में शामिल होने के सवाल को लेकर चुप्पी साध गए। उन्होंने कहा कि उनका कार्यकाल खत्म हो चुका है। जब तक नए अध्यक्ष की ताजपोशी नहीं होती तब तक वही अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर आखिर तक प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी की स्थिति साफ हो जाएगी।