कांग्रेस की अंदरूनी सियासत में अब एक और तूफान का संकेत है। बुधवार को दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी से अलग-अलग मुलाकात को इसी का सबब माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि हाईकमान के सामने दोनों नेताओं ने अपनी शिकायतें रखीं। हालांकि, किशोर इससे साफ इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को जन्मदिन की बधाई दी गई और प्रदेश प्रभारी से पहले मिलना नहीं हो पाया था।

कुछ दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को निशाने पर लिया था। बहुगुणा ने लोकायुक्त का सवाल उठाया था और यह भी कहा था कि पूरा मंत्रिमंडल ही बदला जाना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत को बहुगुणा का यह रुख पसंद नहीं आया।

सोनिया गांधी को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे रावत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने यह शिकायत भी रखी। रावत का मानना है कि चुनाव को देखते हुए सरकार पूरी तरह से माहौल को कांग्रेस के पक्ष में करने की कोशिश में है।

इसके बावजूद कांग्रेस के ही कुछ नेता राज्य सरकार का सहयोग करते हुए नहीं दिख रहे हैं। दूसरी ओर दोनों नेताओं ने पार्टी प्रभारी अंबिका सोनी को भी संगठन और सरकार की कोशिशों की जानकारी दी।