टिहरी के एक युवक को गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2016 को दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। नरभक्षी गुलदार के जबड़े से अपनी मां को सकुशल बाहर निकालने वाले टिहरी के अर्जुन सिंह का चयन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए किया गया है।

उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के मुताबिक राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए उनके पास चार बच्चों के नाम आए थे, जो कि उनके द्वारा केंद्र को भेजे गए थे। इसमें से टिहरी के अर्जुन सिंह का चयन वीरता पुरस्कार के लिए किया गया है।

टिहरी के मालगांव निवासी अर्जुन सिंह ने न सिर्फ अपनी मां को गुलदार के हमले से बचाया बल्कि जानवरों की भी गुलदार के चुंगल से छुड़ाया। 16 जुलाई 2014 को अर्जुन की मां जानवरों को चारा डालने के लिए जानवरों के बाड़े में गई थी।

अर्जुन उस वक्त घर पर ही था। अचानक अर्जुन को मां के चिल्लाने की आवाज आई। अंधेरे में ही अर्जुन मां की आ‌वाज की तरफ दौड़ पड़ा, जो नजारा उसने देखा तो वो भी चौंक पड़ा। मां पर गुलदार ने हमला किया था और वो उसके जबड़े से खुद को छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन छुड़ा नहीं पा रही थी।

इतना देखते ही अर्जुन गुलदार के ऊपर टूट पड़ा। हाथ में घास काटने की हसिंया लिए अर्जुन ने भी गुलदार पर हमला बोल दिया। इसी बीच गुलदार मां को छोड़ जानवरों की ओर लपक पड़ा। अर्जुन ने फिर डटकर उसका मुकाबला किया और हसिंया से गुलदार पर प्रहार भी किए।

इस दौरान गुलदार ने भी अर्जुन पर हमला किया। दोनों के बीच मुकाबला जारी ही था कि चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और हाथ में लाठियां लिए वो भी इस तरफ दौड़ पड़े। इसे देख गुलदार भाग खड़ा हुआ। फिर ग्रामीणों ने लाठी-डंडे के सहारे गुलदार को जंगल में भगा दिया।

बहादुरी का परिचय देने वाले अर्जुन का चयन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए किया गया। अभी तक ये पुरस्कार राज्य के 8 बच्चों को मिल चुका है, जिसमें चार बेटियां भी शामिल हैं। अर्जुन 9वां बच्चा है, जिसे राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है।