मौसम विभाग ने बुधवार को उत्तराखंड के उच्च क्षेत्रों खासकर चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिले के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में गुरुवार शाम से अगले 36 घंटों तक बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। इसके चलते हिमस्खलन (एवलॉन्च) की आशंका के मद्देनजर राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के उप सचिव संतोष बडोनी द्वारा इस संबंध में जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में कहा गया है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग के यहां स्थित कार्यालय ने अपने पूर्वानुमान में गुरुवार शाम से अगले 36 घंटों तक राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

पत्र में कहा गया है, ‘विशेष रूप से चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग तथा पिथौरागढ़ जिलों में 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की संभावना जताई गई है। ऐसे में इन क्षेत्रों में ज्यादा बर्फ पड़ने की दशा में हिमस्खलन का खतरा भी हो सकता है।’ जिलाधिकारियों से कहा गया है कि मौसम के पूर्वानुमान के मद्देनजर वे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को सावधान रहने की बाबत जानकारियां प्रसारित करवाएं।

आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा है कि स्थानीय लोगों को बताया जाए कि वे दिन और रात दोनों में अपने नजदीकी क्षेत्रों में गिर रही बर्फ की जानकारी लेते रहें तथा बर्फ गिरने की दशा में आवागमन से बचें और अति आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें।

बर्फ गिरने के दौरान अपने घरों, अस्थायी आवासों, गौशालाओं की छतों पर अधिक बर्फ न जमा होने दें और उसे साफ करते रहें। यदि किन्हीं कारणों से अस्थायी रूप से अधिक बर्फ पड़ने वाले क्षेत्रों में निवास कर रहे हों तो एक-दो दिन के लिए निचले स्थानों पर चले जाएं और जिन क्षेत्रों में पहले हिमस्खलन की घटनाएं हो चुकी हों, वहां अत्यंत सतर्कता बरतें।