उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने बुधवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत से पृथक राज्य निर्माण आंदोलन को शिक्षा के पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री रावत को लिखे गए एक पत्र में उपाध्याय ने कहा कि प्रबुद्धजनों एवं समाज के विभिन्न वर्गों से लगातार उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन को राज्य में शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की मांग की जाती रही है।

मुख्यमंत्री को राज्य आंदोलन का एक स्तम्भ बताते हुए उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंज एक विकट भौगोलिक परिस्थिति वाला राज्य है, जिसका निर्माण एक अहिंसक आंदोलन से हुआ है और वह देश एवं दुनिया में एक मिसाल भी है। उन्होंने कहा कि राज्य की भावी पीढ़ियों को राज्य निर्माण आंदोलन का ज्ञान होना बहुत जरूरी है, इसलिए आंदोलन को पाठयक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि 90 के दशक में आरक्षण विरोधी आंदोलन के रूप में शुरू हुए पृथक राज्य आंदोलन की परिणिति नौ नवंबर 2000 को हुई जब उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड राज्य बना।