उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का दावा है कि अगले साल की कैलाश-मानसरोवर यात्रा से पहले लिपुलेख दर्रा सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो प्रस्ताव राज्य सरकार ने केन्द्र को भेजा है उसी के अनुरूप चीन सीमा पर कार्य किया जा रहा है।

हरीश रावत ने दावा किया कि अगले साल के कैलाश-मानसरोवर यात्रियों को लम्बा पैदल सफर नहीं करना पड़ेगा, बल्कि धारचूला से लिपुलेख तक उन्हें मोटर मार्ग के जरिए पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि लिपुलेख के मोटर मार्ग से जुडने पर कैलाश-मानसरोवर के अलावा यात्रा मार्ग में पड़ने वाले अन्य पर्यटन स्थलों का भी विकास होगा। इसके लिए उनकी सरकार ने अभी से योजना बनानी शुरू कर दी है।

नाथुला दर्रे की फाइल फोटो
नाथुला दर्रे की फाइल फोटो

सीएम को भरोसा है कि दशकों से सड़क से कटे सीमांत इलाकों में सड़क पहुंचने से विकास के नए दरवाजे भी खुलेंगे। गौरतलब है कि दुर्गम और पैदल यात्रा मार्ग होने के कारण केन्द्र सरकार ने इस साल मानसरोवर यात्रियों के लिए सिक्किम से भी रूट खोला है। इसके बाद परम्परागत रूट को खतरा पैदा होना ही था।