उत्तराखंड में पौड़ी जिले के उरेड़ा विभाग में कार्यरत एक जूनियर असिस्टेंट को विभाग में चल रहे घोटालों के खेल का विरोध करना खुद को ही भारी पड़ गया है। आरोप है कि उनके द्वारा अधिकारियों की मनमानी का विरोध करने पर उनका ही शोषण किया जा रहा है।

पौड़ी जिले के उरेड़ा विभाग के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नीरज गर्ग पर वित्तीय अनियमियताओं के साथ ही अधीनस्थ कर्मचारियों का उत्पीड़न करने के आरोप लगे हैं। जिला परियोजना कार्यालय में तैनात जूनियर असिस्टेंट दलबीर सिंह रावत ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नीरज गर्ग के कहने पर फर्म को नियम विरूद्ध भुगतान करने, घोटालों का विरोध करने और फर्म को भुगतान के लिए सकारात्मक नोट प्रस्तुत न करने पर उनका उन्हीं के विभाग द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है।

उनके खिलाफ झूठी एफआरआई दर्ज की गई और विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है। इसकी शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से भी की गई, लेकिन कोई सकारात्मक उत्तर नहीं मिला। इस कारण अब उनका पूरा परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है। वहीं इस पूरे प्रकरण की प्रशासनिक जांच भी चल रही है।

जांच अधिकारी पौड़ी उप-जिलाधिकारी पीएल शाह ने कहा है कि जांच पूरी हो गई है और जल्द ही रिर्पोट सार्वजनिक कर दी जाएगी। विभाग में चल रहे फर्जीवाड़े का विरोध करने पर लिपिक के खिलाफ तो कई बार कार्रवाई हुई है, लेकिन अभी तक उन उच्चाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है, जो अपने ही विभाग में अपने ही कर्मचारियों का उत्पीड़न करते हैं। फिलहाल देखना ये है कि इस बार की प्रशासनिक जांच में क्या दलबीर को न्याय मिल पाएगा।