पिथौरागढ़ : काली नदी में दिलकश नजारों के साथ अब ले पाएंगे राफ्टिंग का लुत्फ

उत्तराखंड में साहसिक खेलों के लिए अनुकूल मानी जाने वाली काली नदी को राफ्टिंग जोन के रूप में तैयार करने की कवायद तेज हो गई है। राज्य सरकार जौलजीवी से बरम और झूलाघाट से पंचेश्वर तक राफ्टिंग रूट तैयार करने जा रही है। अगर सरकार की यह कोशिशें परवान चढ़ती हैं तो नेपाल से सटे इलाके तो गुलजार होंगे ही, साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खुल जाएंगे।

भारत-नेपाल को बांटने वाली काली नदी रिवर राफ्टिंग के लिए सबसे अधिक उपयुक्त है. इस नदी में मौजूद रैपिट किसी भी राफ्टर का दिल जीत सकते हैं। तमाम सम्भावनाओं के बावजूद अभी तक इस नदी में रिवर राफ्टिंग परवान नहीं चढ़ पाई है। लेकिन, अब राज्य सरकार इसे रिवर राफ्टिंग जोन में लाने का प्लान तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री हरीश रावत की माने तो जौलजीवी-बरम और झूलाघाट-पंचेश्वर दो राफ्टिंग रूट तैयार किए जाएंगे।

हरीश रावत का कहना है कि काली नदी को राफ्टिंग जोन के रूप में तैयार किया जाएगा। जिसका खाका कुमाऊं मंडल विकास निगम तैयार करेगा। राफ्टिंग जोन विकसित होने पर डेढ़ सौ किलोमीटर के इस रूट में पर्यटन कारोबार भी जोर पकड़ सकता है। दिलकश नजारों को समेटे काली नदी में राफ्टर्स राफ्टिंग के साथ प्राकृतिक सौन्दर्य का भी आनंद उठा सकते हैं।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंधक दिनेश गुरूरानी का कहना है कि अभी तक निगम यहां लोगों को प्रशिक्षण दे रहा था। लेकिन, ठोस योजना की कमी के कारण प्रशिक्षण से आगे बात नहीं बढ़ पाई।