उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्थित लोहाघाट देश की सबसे खौफनाक भुतहा जगह के रूप में जाना जाता है। लोहाघाट स्थित अबूट पर्वत पर मौजूद ऐबे कोठी में लोगों को अक्सर बुरी आत्माएं दिखाई जाती हैं। स्थानीय लोग लगातार यहां भूतों का आभास करने की बात बताते हैं।

सूरज ढलने के बाद इस क्षेत्र के पास कोई नहीं जाता है। यहां के लोगों का ऐसा मानना है कि दिन ढलने के बाद यहां बुरी आत्माएं सक्रिय हो जाती हैं। यह बंगला ब्रिटिश काल में बनाया गया था, जो बेहद शांत जगह पर बनाया गया है। बताया जाता है कि बंगले के मालिक द्वारा यह बंगला किसी चैरिटेबल अस्पताल को दे दिया गया था। अस्पताल बनने के बाद से इस जगह के बुरे दिन शुरू हो गए।

पहले ये अस्पताल अपने अच्छे इलाज के लिए जाना जाता था, लेकिन एक संदिग्‍ध डॉक्टर के अस्पताल में आने के बाद यहां संदिग्‍ध गतिविधियां होने लगीं। कहा जाता है उसके पास भविष्य देखने की शक्ति थी, लेकिन वह इंसानों को उनके भविष्य के बारे में कोई भी अच्छी बात नहीं बताता था। वह लोगों के केवल उनकी मृत्यु के बारे में बताया करता था।

जब भी अस्पताल में कोई नया मरीज आता था, वह उस मरीज के पास जाकर यह जान लेता था कि वह मरीज मरने वाला है या नहीं। इतना ही नहीं वह मृत्यु का सही दिन भी बता देता था और जब वह दिन आ जाता तो संदिग्‍ध डॉक्टर उस मरीज को ‘मुक्ति बोध’ कोठरी में ले जाता था।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि उस डॉक्टर के पास कोई शक्ति नहीं थी, वह अपनी शक्ति पर विश्वास दिलाने के लिए लोगों को मार देता था और अब इस ऐबे बंगले में वह आत्माएं घूमती हैं। जो कई लोगों को दिखाई भी दी हैं।