सांकेतिक तस्वीर

दुनियाभर में हो रही सिलसिलेवार आतंकी घटनाओं के मद्देनजर अर्द्धकुंभ की सुरक्षा को लेकर अर्द्धकुंभ पुलिस कोई कोताही नहीं बरतना चाहती। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 15 दिसंबर से अर्द्धकुंभ मेले की समाप्ति तक समय-समय पर कुंभनगरी से सटे घने जंगलों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। पुलिस की एक-एक झुग्गी झोपड़ी खंगालने की तैयारी है।

पूरे मेला क्षेत्र की सुरक्षा का ब्लू प्रिंट अर्द्धकुंभ पुलिस ने तैयार कर लिया है। कई महीनों से अर्द्धकुंभ पुलिस ने युद्धस्तर पर सत्यापन अभियान छेड़ा हुआ है। होटल, लॉज, आश्रम, धर्मशाला ही नहीं बल्कि स्कूल कॉलेज, औद्योगिक इकाईयों पर भी फोकस किया गया है। हर कर्मचारी का सत्यापन कराया जा रहा है। अब अर्द्धकुंभ पुलिस का पूरा ध्यान सुरक्षा पर है।

पुलिस मात्र चौकसी तक नहीं ठहरना चाहती है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाने का प्लान बनाया गया है। डीआईजी अर्द्धकुंभ मेला जीएस मर्तोलिया ने बताया कि कुंभनगरी के गंगा घाट, जगह-जगह बसी झुग्गी बस्तियों से लेकर आसपास के जंगलों तक का चप्पा-चप्पा खंगाला जाएगा। 15 दिसंबर से यह अभियान चलेगा।

पुलिस फोर्स के अलावा, पीएसी व पैरामिलिट्री फोर्स को भी सर्च ऑपरेशन की कमान सौंपी जाएगी। डीआईजी के मुताबिक आतंकी घटनाओं को देखते हुए कोई भी रिस्क नहीं लिया जा सकता है। इसलिए हर प्वाइंट पर ध्यान दिया जा रहा है। हरकी पैड़ी ही नहीं बल्कि पूरे कुंभ क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर मजबूत खाका खींचा गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक स्तर का अधिकारी इस सर्च ऑपरेशन की कमान संभालेगा। यह अभियान कुंभ खत्म होने तक लगातार समय-समय पर चलता रहेगा। डीआईजी ने आम लोगों से भी अपील की की यदि वह कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति को अपने आसपास पाएं या देखें तो पुलिस की मदद करने को आगे आएं।