तमिलनाडु में हाल के दिनों में भारी बारिश से मची तबाही के बाद एक-दो दिन राहत रही, लेकिन मंगलवार को फिर मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे जिंदगी एक बार फिर पटरी से उतर गई। चेन्नई में बारिश ने पिछले 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

सड़कें डूबने से यातायात थम गया और बिजली की आपूर्ति भी बाधित हुई। चेन्नई में हुई बारिश से कुछ रेलगाड़ियों को विलंब हुआ, जबकि कुछ को रद्द करना पड़ा। शहर के स्कूल, कॉलेज बीते 16 दिनों से बंद हैं। हालात ये हैं कि सड़कों पर कई-कई फीट पानी जमा है और लोगों को अस्पताल तक जाने में परेशानी हो रही है। प्रशासन की मदद के लिए सेना, नौसेना और एनडीआरएफ की टीमें जुटी हैं।

चेन्नई एयरपोर्ट पर भी भरा पानी
यहां तक की चेन्‍नई एयरपोर्ट भी पानी से लबालब भर गया है। हालात ये हैं कि एयरपोर्ट के रन-वे तक पानी में डूब गए हैं और विमान भी पानी में खड़े हैं। एयरपोर्ट के निदेशक दीपक शास्‍त्री ने कहा कि जब तक एयरपोर्ट पर जल स्‍तर में कमी नहीं आएगी, विमान उड़ान नहीं भर पाएंगे। मंगलवार भी रात 10 बजे तक नौ उड़ानों को रद्द कर दिया गया।

मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के अंदर चेन्नई व उत्तरी तमिलनाडु में भारी बारिश की चेतावनी दी है। सरकार ने चेन्नई व पड़ोसी कांचीपुरम जिले के स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी। यहां अदयार नदी के किनारे स्थित इलाकों में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।

पीएम मोदी ने जयललिता को हरसंभव मदद का भरोसा दिया
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता से बाढ़ के हालात पर बातचीत की है और राज्य को हर ज़रूरी सहायता मुहैया कराने का भरोसा दिया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘तमिलनाडु के हिस्सों में बाढ़ की स्थिति को लेकर जयललिता जी से बात की। इस दुर्भाग्यपूर्ण घड़ी में सभी संभावित मदद और सहयोग का आश्वासन दिया।’

बारिश ने बरपाया था कहर
पिछले कुछ दिनों से हुई मूसलाधार बारिश के कारण आई बाढ़ से चेन्नई, कांचीपुरम, कुड्डालोर व तिरुवल्लूर जिले में 188 लोगों की मौत हो गई है।

चेन्नई में सड़कों पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण अधिकारियों को वाहनों का मार्ग बदलने को मजबूर होना पड़ा था। उपनगरीय रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण अधिकारियों को कुछ रेलगाड़ियों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई गाड़ियां विलंब से चलीं।

दक्षिणी रेलवे ने 12 रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया, जबकि 15 से अधिक के मार्ग बदल दिए।