करीब दो हफ्ते की कवायद के बाद अस्थायी राजधानी देहरादून के नारी निकेतन में मूक-बधिर संवासिनी के साथ रेप करने वाले दो दरिंदों को पुलिस ने सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि इनमें से एक नारी निकेतन का केयर टेकर और दूसरा होमगार्ड है।

एसएसपी ने दावा किया है कि पीड़िता के 164 के बयान, परिस्थितिजन्य सुबूत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा कि गर्भपात और दूसरे सुबूत मिटाने के मामले में आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।

एक दो दिन में अदालत से अनुमति लेकर पीड़िता, भ्रूण और आरोपियों के सैंपल लेकर डीएनए मिलान की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। बता दें कि 17 नवंबर को दैनिक हिन्दी अखबार अमर उजाला ने एक गोपनीय फैक्स से मिली जानकारी के आधार पर संवासिनी के साथ रेप और गर्भपात का मामला उजागर किया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सदानंद दाते और पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने सोमवार रात नेहरू कॉलोनी थाने में नारी निकेतन में एक संवासिनी से दुराचार और गर्भपात करवाने के मामले का खुलासा किया। एसएसपी ने बताया कि अपर जिलाधिकारी वित्त झरना कमठान की अगुवाई वाली टीम द्वारा नारी निकेतन में गड़बड़ी की रिपोर्ट के आधार पर गठित एसआईटी ने जांच में पीड़ित संवासिनी को ढूंढने के साथ भ्रूण भी बरामद कर लिया था।

सरकारी संस्थान की कस्टडी में बलात्कार, गर्भपात और सुबूत मिटाने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू हुई। सोमवार को कोर्ट से मिली पीड़ित के 164 के बयान की कॉपी का अध्ययन किया गया, जिसमें पीड़ित द्वारा केयर टेकर हाशिम (25) निवासी तेलीवाला डोईवाला और ललित सिंह बिष्ट (32) निवासी वैभव विहार नवादा को आरोपी बनाया गया है।

इससे संरक्षित संवासिनी के साथ उनके द्वारा रेप की पुष्टि हुई। गर्भपात कराने और दूसरे सुबूत मिटाने के मामले में नारी निकेतन की महिला अधिकारी और कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। सुबूत जुटाकर जल्द उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।