पूर्व कांग्रेस सांसद प्रदीप टम्टा अल्मोड़ा जिले के दौरे पर हैं। टम्टा का मानना है कि उत्तराखंड की स्थायी राजधानी पहाड़ (गैरसैंण) में नहीं है, इसलिए अधिकारी और कर्मचारी पहाड़ों में कम जाते हैं।

प्रदीप टम्टा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अधिकारियों को गांव और पहाड़ जाने के निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब 10 पर्वतीय राज्यों की राजधानी पहाड़ में है, तो उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण होनी ही चाहिए।

प्रदीप टम्टा ने कहा कि जब राजधानी पहाड़ में होगी तो अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने कोई विकल्प ही नहीं बचेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पहुंच वाले अधिकारी और कर्मचारी देहरादून रह जाते हैं, जबकि बिना पहुंच वाले पहाड़ चढ़ते हैं।

बता दें कि पहले भी कई अधिकारियों के ट्रांसफर उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ होने पर उन्होंने अपनी ज्वानिंग नहीं दी थी, जिससे बाद उनके स्थान पर दूसरे अधिकारियों को भेजा गया था। ऐसे मामले कई बार सामने आते रहे हैं।