देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों में रविवार को एक बार फिर भूकंप के झटके लगे। कुमाऊं में चमोली व गढ़वाल अंचल में रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न हिस्सों और पौड़ी जिले के श्रीनगर में सुबह 8.17 बजे भूकंप का झटका महसूस किया गया।

रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता चार मापी गई। भूकंप का केंद्र चमोली जिला था और यह 10 किमी गहराई में था। चमोली जिले में भूकंप का ऐहसास होते ही लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि भूकंप का झटका महसूस होने पर वे बच्चों को लेकर घरों से बाहर निकल आए। कुछ लोग खेतों की ओर भी दौड़ पड़े। घाट क्षेत्र के पुरुषोत्तम दत्त का कहना है कि बार-बार के भूकंप से मकानों की दरारें बढ़ती जा रही हैं। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने कहा, भूकंप से जिले में किसी भी प्रकार की जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

रुद्रप्रयाग जिला आपदा कंट्रोल रूम के अनुसार सुबह भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया। जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर ने कहा, केदारनाथ या जिले में कहीं से भी किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं है।

चमोली जिले में आपदा प्रबंधन विभाग में आपदा के दौरान उपयोग में आने वाले यंत्र तो हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। आपदा प्रबंधन के नाम पर जिले में मात्र एक अधिकारी की तैनाती की गई है।

साल 1999 के मार्च में विनाशकारी भूकंप आने से कई ग्रामीण बेघर हो गए थे। तब ग्रामीणों के लिए सुरक्षित स्थानों पर टिन शेड बनाए गए थे, जो आज खंडहर में तब्दील हो गए हैं।