पहाड़ियों के बारे में अक्सर एक कहावत कही जाती है – ‘सूर्य अस्त, पहाड़ी मस्त’ यानी शाम ढलते ही पहड़ी शराब के नशे में चूर हो जाते हैं। अब मुख्यमंत्री का इस बारे में कहना है कि वे राज्य में शराब पर पाबंदी तो लगा सकते हैं, लेकिन उसके उन्होंने 2 हजार करोड़ की मांग की है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुमाऊं अंचल के अल्मोड़ा में जनता दरबार लगाकर आम लोगों की समस्याएं सुनीं और समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। मुख्यमंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पहाड़ में अच्छी शिक्षा नहीं होने के कारण लोग पलायन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई शिक्षण संस्थान बाहर से यहां आते हैं, तो लोग उसका विरोध क्यों कर रहे हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री रावत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और प्रदीप टम्टा के शराब बंदी के बयान पर कहा कि जो दाता 2 हजार करोड़ लाकर दे दें, मैं उसी दिन शराब बंद कर दूगां।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अच्छी चीज का पहले चरण में विरोध होता है और फिर लोगों को सुविधा मिल जाती है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री निशंक के बयान पर भी बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार से बजट की मांग करें, सिर्फ राज्य में बयानबाजी न करें।