संवासिनी के रेप और गर्भपात मामले के खुलासे के बाद शनिवार को नारी निकेतन में बड़ी कार्रवाई की गई। निदेशक समाज कल्याण वीएस धानिक ने छह कर्मचारियों को हटा दिया। इनका तत्काल प्रभाव से दूसरे जिलों में तबादला कर दिया गया, जबकि दो संविदाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है।

दो प्रभारी अधीक्षिकाओं को निदेशक ने सरकार के निर्देश पर पहले ही निलंबित कर दिया था। अब नारी निकेतन में नया स्टाफ तैनात किया जाएगा। साथ ही मूक-बधिर भाषा के एक्सपर्ट की भी तैनाती होगी। इस संबंध में शासन को डिमांड भेज दी गई है।

निदेशक समाज कल्याण ने नारी निकेतन की स्टाफ शमा निगार का तबादला संप्रेक्षण गृह (महिला) अल्मोड़ा कर दिया है। किरन नौटियाल को भी अल्मोड़ा के बाल गृह भेजा गया है। जबकि चंद्रकला क्षेत्री को प्रवेशालय एवं शरणालय हल्द्वानी और आशा का बालगृह हरिद्वार तबादला किया गया है।

अनुसेवक कांछा को संप्रेक्षण गृह पौड़ी और गुरदास को विशेष गृह हरिद्वार भेजा गया है। इसके साथ ही संविदा पर नारी निकेतन में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शांति और चौकीदार हाशिम को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।

नारी निकेतन की प्रभारी अधीक्षिका रहीं मीनाक्षी पोखरियाल और घटना के वक्त अधीक्षिका के चार्ज पर रहीं अनीता मंडोला को निदेशक ने पहले ही निलंबित कर दिया था। धानिक ने बताया कि नारी निकेतन के अंदर अब सुझाव और शिकायत पेटिका रखी जाएगी। इसमें संवासिनी अपनी शिकायत बिना नाम लिखे डाल सकती हैं।

जिला प्रोबेशन अधिकारी को आदेश दिया गया है कि प्रतिदिन पेटिका की शिकायतें रजिस्टर पर दर्ज करें और उन्हें अवगत कराएं। इसके साथ ही मूक-बधिर भाषा की महिला एक्सपर्ट की भी यहां तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि संवासिनी मामले की जांच जारी रहेगी। जांच प्रभावित न हो, इसीलिए पूरा स्टाफ बदला गया है।