सांकेतिक तस्वीर

एसआईटी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे देहरादून नारी निकेतन के रहस्यों पर से पर्दा उठता जा रहा है। एसआईटी को बड़ी सफलता तब हाथ लगी जब उसने नारी निकेतन में मूक-बधिर संवासिनी के गर्भपात के बाद दबाया गया भ्रूण बरामद कर आरोपी के खिलाफ बड़ा सुबूत जुटा लिया।

इस बीच मेडिकल में गर्भपात की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार को नेहरू कॉलोनी थाने में नारी निकेतन के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सरकारी कस्टडी में संवासिनी से रेप, गर्भपात और सुबूत मिटाने का केस दर्ज कराया गया है।

तमाम सुबूतों इकट्ठा होते ही आरोपी की किसी भी समय गिरफ्तारी हो सकती है। इसके अलावा कई अन्य पर भी कानूनी कार्यवाही की तलवार लटक गई है। एसआईटी प्रभारी एसपी अजय सिंह ने एसएसपी को अपनी क्लोजर रिपोर्ट भी सौंप दी है।

मीडिया द्वारा नारी निकेतन में मूक बधिर संवासिनी से रेप और गर्भपात की बात की अब पूरी तरह से पुष्टि हो गई है। एसआईटी ने मूक बधिर संवासिनी की पहचान करने के बाद गुरुवार को दूधली गांव के जंगल से भ्रूण भी बरामद कर लिया। भ्रूण का डीएनए मिलान के लिए सैंपल सुरक्षित रखा गया है।

शुक्रवार सुबह पीड़ित संवासिनी की मेडिकल रिपोर्ट आई तो गर्भपात की पुष्टि हो गई। हालांकि, प्राइवेट अस्पताल की रिपोर्ट गुरुवार शाम को ही पॉजीटिव आ गई थी, लेकिन एसआईटी को दून महिला अस्पताल की रिपोर्ट का इंतजार था।

डॉक्टरों से राय-मशविरे के बाद एसआईटी प्रभारी अजय सिंह ने शुक्रवार को एसएसपी डॉ. सदानंद दाते से मिलकर अपनी रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट के बाद कप्तान के आदेश पर एसआईटी दारोगा कृष्णा जायडा ने नेहरू कॉलोनी थाने में नारी निकेतन के अधिकारियों के खिलाफ सरकारी कस्टडी में मूक बधिर संवासिनी से रेप, गर्भपात और सुबूत मिटाने का मुकदमा दर्ज करा दिया।