पिता अपने बेटे से कितना लगाव रखता है इसका प्रमाण तो नहीं मिल सकता, लेकिन शायद इसे कोई अन्य समझ भी नहीं सकता। पिता भले ही अपने शब्दों में कठोर दिखे, लेकिन बेटे के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हो जाता है। ऐसे में सोचें उस पिता पर क्या गुजरी होगी, जिसने अपने ही बेटे का कत्ल करके शव खेत में फेंक दिया। अपने जिगर के टुकड़े का कत्ल करने से पहले दिल को मनाने के लिए उसे कितनी पीड़ा, कितनी वेदना और कितना दर्द सहना पड़ा होगा।

दरअसल यह भूमिका इस लिए, क्योंकि पुलिस जांच में सामने आया है कि रुड़की के पिरान कलियर में दरियापुर के शैंकी की हरकतों से तंग आकर उसके पिता और भाई ने ही उसकी हत्या कर शव खेत में फेंक दिया था। घटना के चौथे दिन कलियर पुलिस ने आरोपी बाप-बेटे को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर किया। एसएसपी ने कलियर थाने में पत्रकार वार्ता कर हत्याकांड से पर्दा उठाया।

दरियापुर निवासी शैंकी का शव बीते 22 नवंबर को एक खेत से बरामद हुआ था। पहली नजर में पीट-पीटकर हत्या करने के निशान पुलिस को मिल गए थे। आला अधिकारियों ने थाना प्रभारी महेश जोशी की अगुवाई में तीन पुलिस टीमें बनाई थी।

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि शैंकी पर हत्या व दुराचार के मुकदमे दर्ज होने के साथ ही वह नशे का आदी भी हो गया था। लत पूरी करने के लिए वह घरवालों से बार-बार पैसे की मांग करता था, उसकी इन हरकतों से परिजन अक्सर परेशान रहते थे। पुलिस ने उसके पिता ऋषिपाल व भाई कार्तिक को शक के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की।

सख्ती से पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि उन्होंने ही शैंकी का गला घोटकर हत्या की थी। उनकी निशानदेही पर शैंकी का मोबाइल, बाइक व गला घोटने में इस्तेमाल किया गया साफा भी बरामद कर लिया गया है।

एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्ण राज एस ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की। घटना के खुलासे के लिए पुलिस ने शैंकी पर दर्ज मुकदमों सहिती कई एंगल खंगाले। सर्विलांस की मदद लेने के साथ ही इमलीखेड़ा चौकी पुलिस के मुखबिर तंत्र ने भी मदद की।

मोबाइल की सीडीआर से सुराग मिलने के बाद पुलिस ने परिजनों से अलग-अलग बयान लिए। घटना से दो दिन पहले गायब होने की कहानी से लेकर शैंकी के बारे में ली गई जानकारियों में परिजनों के अलग-अलग बयानों ने पुलिस के लिए मामले के खुलासे की राह आसान बना दी।