जौलजीबी मेले की फाइल फोटो

उत्तराखंड में टिहरी जिले के दो दिवसीय सुप्रसिद्ध त्रैवार्षिक सेम-नागराजा मेले का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। मणबागी सौड़ में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मेले का शुभारंभ करते हुए आश्वासन दिया कि सेम-नागराजा मंदिर और क्षेत्र को पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाएगा।

यही नहीं मुख्यमंत्री ने कहा, इस मेले को भव्य रूप देने के लिए राज्य सरकार वित्तीय सहयोग देती रहेगी और भविष्य में इसे राज्य मेला घोषित किया जाएगा। रावत ने इस मौके पर 12 करोड़ 96 लाख 80 हजार की विभिन्न योजनाओं का भी शिलान्यास किया।

इस अवसर पर जागर सम्राट प्रीतम भर्तवाण ने रंगारंग सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। गुरुवार को आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम रावत ने सेम-मुखेम के फैक्वाल समुदाय को ओबीसी में शामिल करने के लिए डीएम से रिपोर्ट देने को कहा। अध्ययन के बाद इस पर सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी।

सीएम हरीश रावत ने कहा, प्रतापनगर को जोडऩे वाले बहु प्रतिक्षित डोबरा-चांटी पुल पर बीजेपी मात्र राजनीति कर रही है। हमारी सरकार ने पुल की निविदा जारी कर दी है, इस वित्तीय वर्ष तक सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

सेम-मुखेम की महत्ता को देखते हुए देहरादून से मुखेम तक रोडवेज की बस सेवा शुरू करने की भी घोषणा की गई। मणबागी सौड़ में बनाए जाने वाले पर्यटन आवास गृह और सेम नागराजा मंदिर तक पहुंच मार्ग का नाम गंगू रमोला के नाम पर रखे जाने की घोषणा की गई है।