उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि वे चाहते हैं कि राज्य में क्रिकेट अकादमी की मान्यता न होने तक राज्य में बन रहे दोनों अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का रेसलिंग खेलों के लिए उपयोग किया जाए। इसके लिए ‘द ग्रेट खली’ को बुलाया गया है।

उन्होंने कहा कि बीसीसीआई राज्य में अकादमी को मान्यता दे, ताकि राज्य में बन रहे दोनों अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम का उपयोग हो सके। बुधवार शाम मायापुर में बनाए गए आउटडोर खेल स्टेडियम के लोकार्पण और उत्तराखंड क्रिकेट फेडरेशन की ओर से आयोजित चैलेंजर कप के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिरकत की। उन्होंने क्रिकेट अकादमी न होने पर अफसोस जाहिर किया। उन्होंने एचआरडीए (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) द्वारा बनाए गए स्टेडियम के लिए अधिकारियों की तारीफ की और अध्यक्ष एवं विधायक हरिदास को मंच पर बुलाकर बधाई दी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अर्द्धकुंभ के लिए केंद्र सरकार से बजट मिलने की उम्मीद जताते हुए कहा कि यदि बजट मिल जाए तो रोशनाबाद से बिहारीगढ़ राजमार्ग बन जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य अर्द्धकुंभ के कार्यों को बिना केंद्र की मदद के किया जा रहा है।

उत्तराखंड क्रिकेट फेडरेशन की ओर से आयोजित टी20 प्रतियोगिता के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री हरीश रावत के जाने के बाद पहुंचे आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने कहा कि बीसीसीआई राज्य को क्रिकेट अकादमी देने को तैयार है। लेकिन इसके लिए राज्य की सभी एसोसिएशन को एक होना होगा।

उन्होंने राज्य की प्रतिभाओं को निखारने के लिए कहा कि राज्य की प्रतिभाओं को यूपी की ओर से खिलाया जा रहा है। हाल में ही कई युवा यूपी की अंडर-16 एवं 19 में खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह हरिद्वार को भी रणजी मैच देने को तैयार हैं, लेकिन यहां पर कोई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम नहीं है। यदि हरिद्वार या राज्य में कोई भी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बन जाए तो अन्य आयोजनों को भी मंजूरी मिलेगी।

संबोधन के बाद उन्होंने टी-20 चैलेंजर कप-2015 का उद्घाटन किया। फेडरेशन के महासचिव अजय शर्मा ने बताया कि मैच गुरुवार से शुरू होकर 10 दिसंबर तक होंगे। बताया कि कप में देश की 16 टीमें भाग ले रही है।

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मौके पर क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष एवं विधायक हीरा सिंह बिष्ट, फेडरेशन के अध्यक्ष कैप्टन जावेद नदीम, तरुण शर्मा, अनिल खुराना, चंद्रमोहन, कविंद्र सिंह, इंद्रमोहन बडर्थ्वाल, मेयर मनोज गर्ग, कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज, ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा, स्वामी दर्शन भारती, जिलाधिकारी हरवंश सिंह चुघ, एचडीए के वीसी एसए मुरूगेशन, सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने स्टेडियम को खेल विभाग को सौंपे जाने की घोषणा की। जिला क्रीड़ा अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्हें खेल स्टेडियम सौंपे जाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है लेकिन अभी कुछ मरम्मत के कार्य शेष है। उन्हें पूरे होते ही वह अपने अंडर में स्टेडियम को ले लेंगे। मालूम हो कि एचआरडीए ने दो स्टेडियम इंडोर एवं आउटडोर बनाए हैं। खेल विभाग को फिलहाल आउटडोर स्टेडियम सौंपे जाने की प्रक्रिया चल रही है।

स्टेडियम के लोकार्पण के मौके पर मेयर मनोज गर्ग की मांगों पर मुख्यमंत्री के द्वारा कोई प्रतिक्रिया न देने पर मेयर ने माइक के पास जाकर मुख्यमंत्री हरीश रावत को फिर से अवगत कराया और निगम की आमदनी के मुद्दे पर बोलने को कहा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक तरफा गाड़ी चल रही है। ऐसे नहीं चलेगा।

निगम को आमदनी बढ़ाने के लिए भी प्रयास करने चाहिए, यदि निगम अन्य स्रोतों से आय बढ़ाएगा तो वह स्टेडियम की आमदनी में हिस्सा देंगे। इससे पहले अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में मेयर मनोज गर्ग ने स्टेडियम का स्वामित्व या आमदनी में हिस्सा मांगा।

उन्होंने मंच से कहा कि स्टेडियम नगर निगम की भूमि पर बना है। इसके लिए अधिकारियों ने मनमानी करते हुए बोर्ड के प्रस्तावों को नहीं माना। इसके अलावा अब निगम की भूमि में 18 करोड़ की लागत से 20 कमरे का गेस्ट हाउस बनाया जा रहा है। जबकि उन्होंने लवकुश घाट सहित अन्य स्थानों पर बनवाने को प्रस्ताव किया।