देहरादून के नारी निकेतन में संवासिनियों के साथ रेप और गर्भपात मामले में हुई किरकिरी के बाद सरकार डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। इसी के तहत घटना के खुलासे के बाद पहली बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। सरकार के आदेश पर निदेशक समाज कल्याण वीएस धानिक ने प्रभारी अधीक्षिक मीनाक्षी पोखरियाल और अनीता मंडोला को निलंबित कर दिया है।

इसके साथ ही सरकार ने निदेशालय में डिप्टी डायरेक्टर का नया पद सृजित करने का भी निर्णय लिया है। नए डिप्टी डायरेक्टर को महिला कल्याण व नारी निकेतनों की व्यवस्था की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश के बाद अपर मुख्य सचिव एस. राजू ने निदेशक समाज कल्याण को डिप्टी डायरेक्टर के पद के सृजन और नियुक्ति का आदेश दिया है। निदेशक धानिक ने बताया कि सरकार का आदेश मिल गया है और बहुत जल्दी इस पद पर डिप्टी डायरेक्टर की नियुक्ति कर दी जाएगी। इसके साथ ही दोनों प्रभारी अधीक्षिकाओं के निलंबन के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

16 नवंबर को जब संवासिनी को निकेतन से बाहर लाया गया था, उस दिन प्रभारी अधीक्षिका मीनाक्षी पोखरियाल छुट्टी पर थीं और चार्ज अनीता मंडोला के पास था।

धानिक ने बताया कि प्रभारी अधीक्षिका पोखरियाल ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्हें अगले दिन मामले में छानबीन और कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसके साथ ही सालों से रिक्त पड़े गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के डिप्टी चीफ प्रोबेशन अफसर के पद पर भी जल्द ही नियुक्ति की जाएगी।

लोक सेवा आयोग से नियुक्तियां न होने के कारण ये पद खाली थे। अब वॉक इन इंटरव्यू करके इन पदों पर नियुक्ति कर दी जाएगी।