काव्य क्षेत्र में रिसर्च करने वालों को प्रोत्साहन देगी उत्तराखंड सरकार : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि काव्य क्षेत्र में शोध करने वाले साहित्यकारों को राज्य सरकार की तरफ से प्रोत्साहन दिया जाएगा।

रुद्रप्रयाग जिले के कविल्ठा क्षेत्र में रविवार को त्रिदिवसीय महाकवि कालीदास सम्मेलन का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने यह बात कही। इस दौरान दिए अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कालीमठ क्षेत्र के पौराणिक इतिहास पर भी प्रकाश डाला और कहा कि महाकवि कालीदास महान विद्वान थे और उनके काव्य ग्रंथों ने देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि काव्य क्षेत्र में शोध कार्य करने वाले साहित्यकारों को राज्य सरकार की तरफ से प्रोत्साहन दिया जाएगा। रावत ने कहा कि काव्य के क्षेत्र में शोध होने से नई पीढ़ी को संस्कृत साहित्य के समृद्धशाली खजाने से परिचित होने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा को जनयात्रा में बदलने के साथ ही स्थानीय लोगों से भी अपने क्षेत्र के मठ-मंदिरों एवं तीर्थ स्थलों में दर्शन करने को कहा, जिससे पर्यटन एवं तीर्थाटन को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब हिमालय दर्शन यात्रा भी शुरू कर रही है, जिसमें क्षेत्र को हवाई एंबुलेंस सेवा से भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कालीमठ, मदमहेश्वर, तुंगनाथ सहित अन्य क्षेत्रों को भी केदारनाथ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा मंडुवा, झंगोरा, गहत, मारछा सहित अन्य नकदी उत्पादों के उत्पादन पर दिए जा रहे विशेष जोर के बारे में अवगत कराते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर रोक लगाने के लिए हमें खेती की और लौटने के साथ ही हस्तशिल्प पर भी ध्यान देना होगा।

कविल्ठा को महाकवि कालीदास की जन्मस्थली माना जाता है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने त्रिदिवसीय समारोह से पूर्व कालीमठ मंदिर दर्शन कर पूजा-अर्चना भी की।