किसी ने सच ही कहा है कि प्रतिभा के लिए अमीरी-गरीबी कोई मायने नहीं रखती। तभी तो एक चाय बनाने वाले का बेटा देश का प्रधानमंत्री बनकर सर्वोच्च पद पर बैठा है। अब उत्तराखंड में भी चाय की दुकान लगाने वाले एक शख्स के बेटे ने जबरदस्त कारनामा कर दिखाया है।

अल्मोड़ा जिला मुख्यालय के पास ही हवालबाग ब्लॉक के ज्यूड़कफून गांव के मूल निवासी और सोनीपत (हरियाणा) में चाय की दुकान चलाने वाले राम सिंह बिष्ट के बेटे अजय बिष्ट ने मॉस्को में हुई इंटरनेशनल रेसलिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है।

पिछले दिनों मॉस्को (रूस) में हुई इंटरनेशनल रेसलिंग के 50 किलो भार वर्ग में भारतीय टीम के खिलाड़ी अजय बिष्ट ने यह उपलब्धि हासिल की है। प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने चार गोल्ड, चार सिल्वर, नौ ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।

अजय बिष्ट भारतीय टीम में शामिल होने वाले उत्तराखंड से एकमात्र खिलाड़ी थे। अजय बिष्ट ने इससे पहले सोनीपत (हरियाणा) में हुई 50 किलो भार वर्ग की रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीता था।

अजय बिष्ट के पिता राम सिंह बिष्ट हरियाणा में चाय की दुकान चलाते हैं। ग्रामीणों ने गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले अजय की आर्थिक मदद करने की मांग की है। अजय की उपलब्धि उसके गांव व इलाके के लोग काफी खुश हैं।