उत्तराखंड में फार्मासिस्टों के लिए अच्छा खबर ये है कि यहां रिक्त पदों को जल्द ही भरा जाएगा। इन पदों पर भर्ती मेडिकल भर्ती बोर्ड के माध्यम से होगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। दूरदराज के इलाकों में फार्मासिस्टों को कुछ दवाएं देने की अनुमति देने पर भी विचार होगा। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों में रेडियोलॉजिस्ट और एनेस्थेटिक की कमी दूर करने को कहा गया है।

बीजापुर गेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करने और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की चिकित्सा व्यवस्था में आशा कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है। सभी आशा कार्यकर्ताओं को समय पर घोषित मानदेय दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।

सीएम ने कहा कि इस बात की संभावना का अध्ययन कर लिया जाए कि क्या अनुभवी फार्मासिस्ट को दूरदराज के अस्पतालों में सामान्य बीमारियों के लिए दवा देने की अनुमति दी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मासिस्टों को प्राइमरी हेल्थ केयर और फर्स्ट एड की तीन से छह माह की ट्रेनिंग दी जाए।

तुलनात्मक रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों को चयनित कर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्राथमिकता दी जाए। बैठक में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव ओम प्रकाश, सचिव भूपिंदर कौर औलख सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।