और यह रही मोदी सरकार की गोल्ड स्कीम की पूर्ण जानकारी

हाल ही के दिनों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लॉन्च की, जिसका असर काफी कम देखने को मिला. इसका एक कारण आम जनता को इसकी पूर्ण जानकारी का न होना बताया जा रहा है. आइये इस स्कीम को पूरा समझते हैं –

मकसद क्या?

इस स्कीम का मकसद घरों में रखे गोल्ड या जूलरी को बैंकों में जमा कराना है। इससे मार्केट में गोल्ड का मूवमेंट हो सकेगा और इंपोर्ट कम होगा।

कौन ले सकता है?

इस स्कीम का फायदा भारतीय नागरिक, एचयूएफ (हिंदू संयुक्त परिवार), ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और चैरिटेबल इंस्टिट्यूट्स ले सकते हैं। इसमें बैंक को कस्टमर से केवाईसी की औपचारिकता निभानी पड़ेगी, लेकिन सोना जमा कराने पर उसका सोर्स नहीं पूछा जाएगा।

कितना सोना?

इस स्कीम में कम-से-कम 30 ग्राम सोना जरूर जमा कराना होगा। अधिकतम कितना भी जमा करा सकते हैं।

कितनी अवधि के लिए?

आप शॉर्ट टर्म (1 से 3 साल तक के लिए), मीडियम टर्म (5 से 7 साल तक के लिए) और लॉन्ग टर्म (12 से 15 साल तक के लिए) के लिए गोल्ड जमा कर सकते हैं।

क्या है प्रक्रिया?

आपको नजदीकी बैंक से पता करना होगा कि उस बैंक से मान्यता प्राप्त प्योरिटी सेंटर कौन-सा है। सोना जमा करने के लिए आपको उस प्योरिटी सेंटर पर जाना होगा। प्योरिटी सेंटर बीआईएस यानी भारतीय मानक ब्यूरो से मान्यता प्राप्त होगा। प्योरिटी सेंटर पर जूलरी की प्योरिटी चेक की जाएगी और बताया जाएगा कि 24 कैरट शुद्धता के हिसाब से आपकी जूलरी कितने ग्राम की मानी जाएगी। इससे सहमत होंगे तो सोने को पिघला दिया जाएगा। इसमें 25 रुपये प्रति आर्टिकल का चार्ज लगेगा। इसमें आधा घंटा लगेगा। प्योरिटी चेक करने के बाद जितने ग्राम सोना निकलेगा, उसका सर्टिफिकेट आपको दिया जाएगा। प्योरिटी सेंटर की ओर से जो सर्टिफिकेट दिया जाएगा, उसे आपको बैंक में जाकर दिखाना होगा। अब बैंक आपको एक सर्टिफिकेट दे देगा। इसी दिन से आपको ब्याज मिलने लगेगा।

कैसे मिलेगा ब्याज?

जिस बैंक में जमा कर रहे हैं, उसमें आपका एक गोल्ड सेविंग अकाउंट खुलेगा। 1 से 3 और 5 से 7 साल के लिए गोल्ड जमा करने पर आपको 2.25 प्रतिशत का सालाना ब्याज मिलेगा। 12 से 15 साल के लिए जमा रखने पर 2.50 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा। गोल्ड को गलाकर और रिफाइन कर गोल्ड की जो कीमत निकलेगी, वही मूल रकम मानी जाएगी और उस पर ही ब्याज मिलेगा। रूंगटा सिक्यॉरिटीज के हर्षवर्धन रूंगटा के मुताबिक जमा करने के एक साल बाद सोने की उस वक्त की वैल्यू पर आपको ब्याज मिलेगा। मान लें जमा करते वक्त आपके सोने की वैल्यू 10 हजार रुपये थी। अब एक साल के बाद उस सोने की जो भी मार्केट वैल्यू होगी, उस पर आपको 2.5 फीसदी ब्याज मिलेगा और रकम आपके अकाउंट में जमा हो जाएगी। अगर सोने की उस वक्त की मार्केट वैल्यू 10 हजार रुपये से कम हो गई तो वैल्यू 10 हजार ही मानी जाएगी। इसी तरह से दूसरे साल और उसके बाद आपको बढ़ी हुई वैल्यू पर ब्याज दिया जाएगा।

अवधि पूरी होने पर वापसी?

मच्योरिटी के वक्त या तो आपको सोना वापस मिल जाएगा या आप उसकी कीमत के रुपये ले सकते हैं। अगर आप 1 से 3 साल तक के लिए सोना जमा करते हैं, तो सोने के बदले सोना मिलेगा, लेकिन वह सोना या जूलरी नहीं मिलेगी जिसे आपने जमा कराया है। उसके बराबर का गोल्ड बार या सिक्का मिलेगा। अगर आप 5 से 7 साल या फिर 12 से 15 साल के लिए भी अपना सोना जमा कर रहे हैं तो मच्योरिटी पर आपको उस वक्त के मार्केट रेट के हिसाब से आपके सोने के पैसे मिल जाएंगे।

बीच में निकालने पर

जितनी अवधि के लिए आप गोल्ड जमा कराएंगे, उससे पहले अगर आप निकालना चाहेंगे तो बैंक आप पर पेनल्टी लगाएगा। यह पेनल्टी कितनी होगी, यह बैंक खुद तय करेंगे।

(साभार – नवभारत टाइम्स)