देहरादून नारी निकेतन में संवासिनियों से रेप और गर्भपात मामले में पुलिस-प्रशासन ने शनिवार सुबह संवासिनियों का मेडिकल टेस्ट कराया। शुक्रवार सुबह अधिकारियों की मौजूदगी में नारी निकेतन से संवासिनियों को लेकर प्रशासन की टीम दून अस्पताल पहुंची।

शनिवार सुबह एडीएम झरना कामठान और समाज कल्याण विभाग के निदेशक के नेतृत्व में जांच टीम कड़ी सुरक्षा में दो संवासिनियों को लेकर दून महिला अस्पताल में पहुंची। यहां पर जांच टीम की मौजूदगी में डॉक्टरों की टीम ने संवासिनियों का मेडिकल किया।

नारी निकेलन में संवासिनियों के शोषण का मामला प्रशासन के गले की फांस बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से नारी निकेतन में रेप और गर्भपात का मामला मीडिया में छाया हुआ है। इस मामले में नारी निकेतन से जुड़े एक संदिग्ध का भी नाम सामने आने के बाद पुलिस गोपनीय जांच में जुटी है।

वहीं, इससे पहले शनिवार को नारी निकेतन में जांच टीम के पहुंचने पर संवासिनियों ने जमकर हंगामा किया। नारी निकेतन के बाहर मीडिया को देखते ही अंदर से पत्थर चलने लगे। हंगामे के चलते जांच करने गई टीम बिना जांच किए ही वापस लौट गई। ऐसा लगता है कि नारी निकेतन में पहले से ही विरोध की पूरी तैयारी कर ली गई थी।

सवाल यह भी उठता है कि आखिर नारी निकेतन के अंदर पत्थर किसने रखवाए थे। कौन है जो मामले के खुलासे से इतना डरा हुआ है कि सच बाहर आने से रोकने के लिए हर हथकंडे अपना रहा है।