कुछ दिनों की शांति के बाद गबेला स्थित कुकुर्शी महाराज मंदिर में दलितों के प्रवेश को लेकर फिर से विवाद खड़ा हो गया है। एक दलित परिवार ने मंदिर में प्रवेश करने पर ग्रामीणों द्वारा मारपीट करने और 500 रुपये आर्थिक दंड लगाए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत कालसी थाना पुलिस के साथ ही एसडीएम कालसी से भी की है।

टीकम सिंह निवासी मल्लावाला बिन्हार तहसील विकासनगर ने कहा कि 18 नवंबर को वह पत्नी कविता, ससुर दौलतू निवासी गौना तहसील चकराता गबेला स्थित कुकुर्शी महाराज के दर्शन के लिए गए हुए थे। उनकी पत्नी गर्भवती है। इसलिए वह देवता से मन्नत मांगने मंदिर गए हुए थे। सुबह 11 बजे उन्होंने पत्नी के साथ मंदिर में दर्शन किए, जबकि ससुर मंदिर के बाहर ही बैठे हुए थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उनके ससुर को पहचान लिया। उनके साथ मारपीट करने लगे।

टीकम सिंह ने बताया कि बीच बचाव में आने पर उनके और पत्नी के साथ ही मारपीट की गई। इस बीच कई महिलाएं भी वहां इकट्ठा हो गई। जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करने लगे। बच्चे के लिए मंदिर में मन्नत मांगने गई दलित गर्भवती महिला और उसके पति को दबंगों ने पीटा और तीनों की बलि लेने की बात करने लगे।

उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्हें डरा धमकाकर 501 रुपये आर्थिक दंड ले लिया। भविष्य में मंदिर में न आने की भी हिदायद दी गई। शुक्रवार को पीड़ित पक्ष ने आपबीती दलित नेता दौलत कुंवर को सुनाई। दौलत कुंवर ने पीड़ित परिवार का सीएचसी विकासनगर में मेडिकल कराया और उनकी मुलाकात एसडीएम कालसी प्रेमलाल से कराई। एसडीएम प्रेमलाल का कहना है कि मामले में राजस्व उपनिरीक्षक को जांच के आदेश दिए गए हैं।