अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी ने मांग की है कि केंद्र सरकार हरिद्वार को वेटिकन सिटी की ही तरह पवित्र नगर घोषित करे। उन्होंने कहा, हरिद्वार को स्मार्ट सिटी से ऊपर का दर्जा हर हाल में चाहिए। उधर, हरिद्वार के कई नेताओं ने स्मार्ट सिटी के लिए हरिद्वार का नाम शामिल न करने पर रोष व्यक्त किया है।

परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी ने कहा कि अर्द्धकुंभ मेला शुरू होने से पहले हरिद्वार नगरी को वेटिकन की तरह पूरी तरह से पवित्र नगर बन जाना चाहिए। पिछले हरिद्वार कुंभ के दौरान अखाड़ा परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर राज्य और केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है।

अब जब केंद्र सरकार देश में सौ से ज्यादा स्मार्ट सिटी बना रही है तो हरिद्वार को पवित्र नगर का दर्जा अवश्य मिलना चाहिए। अखाड़ा परिषद अपनी अगली बैठक में इस मुद्दे को फिर से उठाएगी। उधर, राज्य सरकार की ओर से स्मार्ट सिटी के लिए उत्तराखंड से चयनित छह नगरों में हरिद्वार को शामिल न करने पर रोष व्याप्त है। पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुआ कहा कि सरकार सर्वाधिक राजस्व हरिद्वार से ही वसूलती है, इसके बावजूद हरिद्वार की उपेक्षा की गई।

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पूर्व सांसद यहां के सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक पर भी बरसे। उन्होंने कहा कि उन्हें हरिद्वार के सांसद के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। विधायक मदन कौशिक ने कहा कि हरिद्वार के महत्व को प्रदेश राज्य सरकार जानती तक नहीं है। अब वह स्वयं केंद्रीय नेताओं से इस संबंध में बात कर हरिद्वार का पक्ष रखेंगे।

रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने कहा कि जो सरकार कुंभ के कार्य हरिद्वार के बड़े भू-भाग ज्वालापुर में नहीं करा पाती, उससे स्मार्ट सिटी के रूप में नाम भेजने की उम्मीद भी नहीं की जा सकती। आदेश चौहान ने कहा उन्होंने अपने पक्ष से राज्य बीजेपी नेताओं को अवगत करा दिया है।