उत्तराखंड में अस्थायी राजधानी देहरादून के अलावा पांच और शहरों के ‘स्मार्ट’ बनने का रास्ता साफ हो गया है। इन छह में से चार शहरों के लिए तो जमीन भी चिन्हित कर ली गई है। बता दें कि सभी छह शहर नए स्थानों पर बसाए जाएंगे। पुराने बसे शहरों में सुविधाएं बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

उत्तराखंड के दोनों अंचलों गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में तीन-तीन शहरों का चयन कर लिया गया है। गढ़वाल मंडल में अस्थायी राजधानी देहरादून, उत्तरकाशी जिले में चिन्यालीसौड़, राज्य की प्रस्तावित राजधानी चमोली जिले के गैरसैंण और कुमाऊं मंडल में ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर, पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय और अल्मोड़ा जिले के जागेश्वर ‘स्मार्ट सिटी’ के लिए चिन्हित किए गए हैं।

उत्तराखंड आवास एवं नगरीय विकास प्राधिकरण (उडा) के अनुसार राज्य सरकार की ओर से फिलहाल केवल छह शहरों को विकसित करने की दिशा में ही काम चल रहा है। इन शहरों के लिए अगले 10 से 15 सालों की परियोजना तैयार की जाएगी।

राज्य सरकार अपने संसाधनों से इन शहरों को विकसित करेगी। वहीं, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना के लिए पहले चरण में राज्य से देहरादून का चयन किया गया है। पहले चरण में विकसित होने वाले 20 शहरों का चयन अब होना है। इसे लेकर इन दिनों स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (एससीपी) तैयार किया जा रहा है।

कहां बनेंगी ये स्मार्ट सिटी
देहरादून में टी स्टेट, गैरसैंण में पशुपालन विभाग, जागेश्वर में उद्यान विभाग और रुद्रपुर में आंचल फार्म की जमीन चिन्हित हुई है। चिन्यालीसौड़ और पिथौरागढ़ में जमीन चिन्हित करने की कार्रवाई चल रही है।

उडा की मुख्य प्रशासक आर. मीनाक्षी सुंदरम का कहना है कि पुराने बसे हुए शहर नियोजित तरीके से नहीं बसाए गए हैं। नए स्मार्ट शहर पूरी प्लानिंग के साथ बसाए जाएंगे। इसके साथ ही पुराने बसे शहरों में भी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।