बाबा रामदेव की कंपनी, पतंजलि ने बुधवार को कहा कि उसने आटा नूडल तथा अन्य उत्पाद लॉन्च करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा नियामक प्राधिकरण (FSSAI) के सभी दिशानिर्देशों और नियमों का पालन किया है। पतंजलि के प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला ने कहा, ‘हमने FSSAI के सभी नियमों और दिशानिर्देशों का पालन किया है। हमने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है।’

उन्होंने अपने बयान में कहा, ‘FSSAI ने हमें पास्ता श्रेणी में री-लेबलिंग करने का लाइसेंस दिया है और उसके आधार पर हमने विभिन्न कंपनियों को नूडल बनाने का ठेका दिया है।’

उल्लेखनीय है कि FSSAI के शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि पतंजलि ने बिना उत्पाद मंजूरी के नूडल लांच किया है। FSSAI के अध्यक्ष आशीष बहुगुणा ने यह भी कहा है कि पास्ता को मिली मंजूरी नूडल पर लागू नहीं होती है।

तिजारावाला ने हालांकि कहा कि पतंजलि ने केंद्रीय श्रेणी के तहत पास्ता के लिए उत्पाद लाइसेंस लिया था और नूडल उसके तहत आता है।

तिजारावाला ने कहा कि लाइसेंस संख्या 10014012000266 के आधार पर, जिसका इस साल 15 अक्टूबर को नवीनीकरण किया गया और जो 21 फरवरी, 2019 तक वैध है, एक संशोधित लाइसेंस भी जारी किया गया है।

उन्होंने कहा कि पतंजलि द्वारा बेचे जा रहे पास्ता को संशोधित लाइसेंस मिल चुका है। इससे कंपनी को नूडल बनाने का अधिकार भी मिल चुका है, क्योंकि यह सिर्फ पास्ता की एक किस्म है।

पतंजलि ने सोमवार को आटा नूडल लांच किया था।