उत्तराखंड सरकार

केंद्रीय योजनाओं में फंडिंग पैटर्न बदलकर उत्तराखंड को उत्तर-पूर्व की तर्ज पर लाभ देने के लिए केंद्र ने राज्य को अधिकृत सूचना भेज दी है। राज्य को अब विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा मिल गया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय में वित्त सचिव रतन वी. पातल ने राज्य सरकार को 28 अक्टूबर को जारी किए गए आदेश से अवगत कराया है।

उत्तराखंड, हिमाचल व जम्मू-कश्मीर को भी अब उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों की तर्ज पर केंद्रीय योजनाओं में लाभ मिलेगा। केंद्र द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार कोर योजनाओं की संख्या 29 होने के बाद सभी में 90:10 के फॉर्मूले पर केंद्रांश मिलेगा।

मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम, अनुसूचित जाति व जनजाति के अम्ब्रेला प्रोग्राम, मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट प्लान, मदरसा शिक्षा में 60:40 के स्थान पर अब 90:10 के अनुपात में धनराशि मिलेगी। कोर योजनाओं में 50:50 के बजाय केंद्र 90 प्रतिशत केंद्रांश देगा।

राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीडी कंट्रोल प्रोग्राम, राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट मिशन, अपराध रोकथाम, महामारी रोकथाम आदि कार्यक्रमों में अभी तक 50:50 के अनुपात में धनराशि मिलती थी, लेकिन अब 80:20 अनुपात में धनराशि मिलेगी।