विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक अशोक सिंघल का गुड़गांव में निधन

विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक अशोक सिंघल का मंगलवार दोपहर 2:24 बजे गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया है. वह 89 साल के थे और लंबे समय से सांस से संबंधि‍त बीमारी से ग्रसित थे. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शुक्रवार देर रात अस्पताल में भर्ती किया गया था.

विहिप नेता का ICU में इलाज चल रहा था. हालांकि, रविवार सुबह उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आए थे. उन्होंने अपनी आंखें खोली थीं और कुछ लोगों से मुलाकात भी की थी. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेताओं ने इस बीच अस्पताल जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली थी.

सिंघल के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दुख प्रकट किया है. उन्होंने इसे व्यक्ति‍गत हानि बताया है.

उनका पार्थिव शरीर रात आठ से दस बजे के बीच आरके पुरम स्थित विहिप दफ्तर लाया जाएगा. अगले 24 घंटों तक उनका शव अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. रात दस बजे बाद पार्थिव देह को झंजेवालान स्थित संघ के दफ्तर ले जाया जाएगा. अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा.

विहिप की ओर से पूर्व में जारी एक बयान के मुताबिक, सिंघल को एक महीने से ज्यादा वक्त से सांस संबंधी परेशानी हो रही है. इलाहाबाद में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद सिंघल को विमान से दिल्ली लाया गया और 20 अक्टूबर को मेदांता में भर्ती करवाया गया. जबकि दो दिन पहले ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली थी.

विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया ने सिंघल के निधन पर कहा कि हिंदू समुदाय का मुखर नेता हमने खो दिया है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे. साथ ही उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनवाने की उनकी इच्छा जरूर पूरी की जाएगी.