उत्तराखंड में एक कॉल सेंटर संचालक ने सात समुंदर पार 71 ब्रिटिश नागरिकों को लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की चपत लगा दी। आरोपी पर सस्ती दरों पर लोन दिलाने के नाम पर करीब सात करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है।

यूके के सन इंवेस्टिगेशन नाम के चैनल के रिपोर्टर के स्टिंग के बाद शनिवार को मामला सामने आया है। हालांकि, भारत में इस मामले में अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

पुलिस और खुफिया तंत्र ने खबर के आधार पर कॉल सेंटर संचालक और उसके साथियों से पूछताछ की है। वहीं, आरोपी ने संबंधित चैनल के रिपोर्टर के खिलाफ पुलिस में मानहानि की शिकायत दी है। मामला उस वक्त सामने आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंग्लैंड के दौरे पर हैं।

न्यूज चैनल के रिपोर्टर ने अक्टूबर महीने में देहरादून आकर ब्लू ट्राईएंगल टेक्नॉलजी कॉल सेंटर के संचालक का स्टिंग किया। कहा गया है कि आरोपी ने इंग्लैंड के लोगों को फोन कर सस्ती ब्याज दर पर करोड़ों रुपये का लोन दिलाने का झांसा दिया था। इस तरह 71 ब्रिटिश नागरिकों से करीब सात करोड़ रुपये हड़प लिए।

नागरिकों का निजी डाटा चुराकर पूरा खेल खेला गया। स्टिंग में वह तकनीक भी बताई गई है, जिसके आधार पर ठगी की गई है। अंग्रेजों से ठगी का मामला उजागर हुआ तो शनिवार रात पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

फौरन आला अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गईं और कॉल सेंटर संचालक एवं उसके साथियों से देर रात तक सवाल-जवाब किए। कॉल सेंटर संचालक का कहना था कि वह लीगल बिजनेस कर रहा है।

उनकी तरफ से कई दिन पहले राजपुर थाने में न्यूज चैनल के रिपोर्टर के खिलाफ शिकायत दी जा चुकी है। वह रिपोर्टर पर मानहानि का दावा कर रहे हैं।

ब्लू ट्राईएंगल टेक्नॉलजी कॉल सेंटर, देहरादून के संचालक युवान बख्शी का कहना है, आउटसोर्स के लिए हम इंग्लैंड आदि देशों का डाटा जुटाते हैं। किसी ठगी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। यह खेल इंटरनेशनल हैकर्स का होगा, जिन्होंने डाटा चोरी करके खेल को अंजाम दिया है।

एसएसपी देहरादून डॉ. सदानंद दाते का कहना है कि सन इंवेस्टिगेशन की खबर के आधार पर जांच की जा रही है। दून से मामला जुड़ा होने की वजह से व्यक्तिगत स्तर पर देख रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी ने कोई शिकायत नहीं दी है।

अब तक देहरादून बीमा पॉलिसी और ऑनलाइन ठगी का प्रमुख केंद्र रहा है। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद से संचालित कॉल सेंटर यहां से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। इनकम टैक्स और ईडी के फर्जी छापों के नाम पर भी लाखों की रकम हजम की गई है।