पौड़ी गढ़वाल जिले में कोटद्वार तहसील के कालागढ़ कस्बे की सालों से क्षतिग्रस्त पड़ी सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। प्रशासन कभी किसी योजना के तहत सड़क बनाने की कोशिश भी करता है तो वन कानूनों के चलते वन विभाग इन क्षतिग्रस्त सड़कों के निर्माण में अड़ंगा डाल देता है।

मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल इन सड़कों का हॉट मिक्स निर्माण होना था, लेकिन वन कानूनों के चलते इनका निर्माण नहीं हो पा रहा है। कालागढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे कालागढ़ कस्बे को हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी खाली करवाने के लिए यूपी सिंचाई विभाग को निर्देश दिया है, लेकिन सिंचाई विभाग ने कुछ सालों के लिए कोर्ट से समय मांगा है।

यूपी सिंचाई विभाग और वन विभाग के रहमोकरम पर अपनी आखिरी सांस गिन रहे कालागढ़ कस्बे की जनसंख्या वर्तमान समय में करीब 5 हजार के आसपास है, जिनमें यूपी के अधिकतर लोग शामिल हैं।

कालागढ़ टाइगर रिजर्व ने इस पूरे क्षेत्र में किसी भी नए निर्माण पर पूरी तरह से रोक लगाई हुई है और इसी के चलते क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। कालागढ़ के स्थानीय निवासी प्रदीप गुप्ता की मानें तो इन क्षतिग्रस्त सड़कों पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन बावजूद इसके कोई इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

वहीं दूसरी ओर कालागढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ का कहना है कि टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे इलाकों में नए निर्माण पर पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई हुई है।