कुमाऊं विश्वविद्यालय के यूजीसी रेगुलेशन 2009 की जद में आए 19 असिस्टेंट प्रोफेसरों के मामले की जांच अब विश्वविद्यालय द्वारा गठित कमेटी करेगी। शनिवार को कुमाऊं विश्वविद्याल ने इसकी जांच के लिए तीन सदस्यों की जांच कमेटी बना दी है।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति एचएस धामी ने बताया कि जो जांच टीम विश्वविद्यालय द्वारा बनाई गई है, वो एक महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट विश्वविद्यालय को देगी, जिसके बाद विश्वविद्यालय इस रिपोर्ट को राज्यपाल को भेजेगी।

गौरतलब है कि विश्वविद्यालय द्वारा 19 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति दी गई थी, इसमें ऐसे लोगों को भर्ती कर दिया गया था जो यूजीसी के मानकों को पूरा नहीं करते थे। मामला सामने आने के बाद अब विश्वविद्यालय ने इस मामले पर जांच कमेटी का गठन कर दिया है।

वहीं उच्च शिक्षण संस्थान में प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए नेट स्लेट अथवा सेट की परीक्षा पास करना अनिवार्य है, लेकिन कुमाऊं विश्वविद्यालय ने यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर नॉन नेट सेट क्वालीफाइड 19 प्रोफेसरों को साल 2010 में नियुक्ति दे दी थी।

इसके बाद मामला राज्यपाल के पास पहुंचा तो राज्यपाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय से पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है। शनिवार को कार्यपरिषद की बैठक में इस मामले में जांच बैठा दी गई है।