मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती का कहना है कि गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को हटाना होगा। उन्होंने ‘नामामि गंगे’ योजना व ‘स्पर्श गंगा अभियान’ पर भी सवालिया निशान लगाए हैं।

उन्होंने कहा कि गंगा की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपयों की बंदरबांट हो रही है। इसके बावजूद गंगा स्वच्छ नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती को अपना सलाहकार बदल देना चाहिए। क्योंकि ऐसे प्रयासों से गंगा प्रदूषण से मुक्त होने वाली नहीं है।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि गंगा में खनन को अनुमति के लिए उत्तराखंड वन विकास निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर एसटीएस लैप्चा ने बयान दिया कि बरसात में पत्थर जल के साथ बहकर आते हैं। जबकि, ऐसा नहीं है। क्योंकि गंगा में सिर्फ बालू जल के साथ आता है।

उन्होंने वन मंत्री दिनेश अग्रवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपना स्टोन क्रशर हरिद्वार से हटाएं। गंगा में किसी भी प्रकार का खनन बर्दास्त नहीं किया जाएगा।