गंगोत्री जा रही आल्‍टो कार भागीरथी नदी में गिरी, चार लोगों की मौत

गंगोत्रीधाम में गुरुवार को हुई आल्टो कार दुर्घटना में मारे गए पांच लोगों में से चार के शव शुक्रवार शाम तक भी नहीं निकाले जा सके। मौके पर सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ के जवान रेस्क्यू कार्य में जुटे हुए हैं।

हादसा गुरुवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच हुआ था। आल्टो कार में सवार पांच लोग गंगोत्रीधाम में कपाट बंद होने से पहले अंतिम दर्शन को जा रहे थे।

इसी बीच गंगोत्रीधाम से करीब चार किलोमीटर पहले कार अनियंत्रित हो गहरी खाई में भागीरथी को पार करते हुए दूसरे छोर पर घने जंगल में जा गिरी। दुर्घटना का पता करीब पांच घंटे बाद चल पाया।

कड़ाके की ठंड और घटना स्थल दुर्गम होने के कारण गुरुवार को रेस्क्यू ऑपेरशन शुरू नहीं किया जा सका। रेस्क्यू ऑपरेशन शुक्रवार सुबह 10 बजे से शुरू किया गया। हालांकि, इससे पहले ही स्थानीय युवक बिना किसी रस्सी के छिटकर खाई में गिरी कार सवार एक महिला के शव को निकाल चुके थे।

सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ के इस संयुक्त रेस्क्यू ऑपेरशन में चार घंटे बाद भी कोई भी दुर्घटनाग्रस्त कार तक नहीं पहुंच पाया। बताया जा रहा है कि चारों शव कार के अंदर दबे पड़े हैं।

दुर्घटना स्थल इतना विकट है कि रेस्क्यू दल को स्थानीय चरवाहों और गाइड की मदद लेनी पड़ रही है। दुर्घटना स्थल पर घना जंगल, तीक्ष्ण ढलान और नीचे भागीरथी होने के कारण रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं। दुर्घटना स्थल तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीम को दो स्थाई पुल बनाने हैं। अभी तक पेड़ काटकर एक पुल बनाया जा चुका है।

इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका बेहद लापरवाही की रही। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों का कहना था कि जिस महिला के शव को सुबह स्थानीय युवाओं ने निकाला, उसे गुरुवार को पुलिस भी निकाल सकती थी। लेकिन, गुरवार को पुलिस ने रेस्क्यू करने की जहमत नही उठाई।

लोग आशंका जता रहे हैं कि यदि मौके पर तत्काल रेस्क्यू चलाया जाता तो हो सकता है कि महिला घायल रही हो और उसे बचा लिया जाता। क्योंकि, महिला के शव पर कोई गंभीर चोटें नहीं हैं। पुलिस प्रशासन का यही रवैया शुक्रवार को भी देखने को मिला। पुलिस का थानाध्यक्ष को छोड़ कोई आला अफसर मौके पर मौजूद नहीं थे।