भाई-दूज का ये है शुभ मुहूर्त, ये करें बहनें ताकि भाई की उम्र बढ़े और बहन का सौभाग्य

शुक्रवार को भाई-बहन के प्यार का त्योहार भाई-दूज है। इस दिन अगर बहनों ने यह शुभ काम किया तो भाई की उम्र बढ़ जाएगी। भाई दूज सुबह 7.30 से 10.30 बजे तक अमृत की चौघड़िया में मनाना शुभ रहेगा। सुबह 10.30 से 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस समय त्योहार न मनाएं। इसके बाद 12 बजे से 1.25 बजे तक भी भाई-दूज का शुभ मुहूर्त रहेगा।

भाई-दूज का त्योहार कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। द्वितीया तिथि की शुरुआत 12 नवंबर को रात 12.30 बजे से होगी जो 13 नवंबर को रात 1.38 बजे तक रहेगी। इस दिन राजमुद्रा-मसिपत्र-लेखनी की पूजा की जाती है।

भाई-बहन के हाथ का बनाया भोजन करे तो उससे भाई की आयु में वृद्धि और बहन के सौभाग्य की रक्षा होती है। आचार्य सुशांत राज के अनुसार सुबह 7.30 से 10.30 और फिर 12 बजे से 1.25 बजे तक भाई का तिलक करना शुभप्रद रहेगा। इस अवधि में शुभ की चौघड़िया है।

12 नवंबर को गोवर्धन पूजा के दिन मंदिरों में भगवान विष्णु को 56 प्रकार के भोग लगाए जाएंगे। इस दिन गो-पूजन किया जाता है। अशोक और नीम के पत्ते रस्सी में बांधकर घर के मुख्य द्वार पर लगाए जाते हैं। माना जाता है कि इस द्वार से घर की ओर प्रवेश करने वाले नर-नारी, पशु आदि रोगी नहीं होते और वर्षभर प्रसन्न रहते हैं।

आदित्य पुराण के अनुसार यह पर्व कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है। भागवत के दशम स्कंध के 25वें अध्याय में गोवर्धन पूजा का वर्णन है। इस दिन अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ बनाकर भगवान को अर्पित किए जाते हैं।

शास्त्रों के अनुसार भगवान कृष्ण ने अपनी बाल्यावस्था में ही इंद्र की पूजा निषिद्ध बताकर ग्वाल-बालों से गोवर्धन पूजन करवाया। स्वयं ही दूसरे स्वरूप से गोवर्धन बनकर अर्पण की हुई संपूर्ण भोजन सामग्री का भोग लगाया।

यह देखकर इंद्र ने प्रलय करने वाली बारिश की, तब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को हाथ पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। तब से गोवर्धन पूजन होने लगा।